राष्ट्रवीर सम्राट सुहेलदेव राजभर का विजय दिवस समारोह आयोजित, वक्ताओं ने बताया हिंदू स्वाभिमान का प्रतीक

राष्ट्रवीर सम्राट सुहेलदेव राजभर का विजय दिवस समारोह आयोजित, वक्ताओं ने बताया हिंदू स्वाभिमान का प्रतीक…..

 

बस्ती। राष्ट्रवीर चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर के विजय दिवस के अवसर पर बुधवार को प्रेस क्लब बस्ती में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसन्तलाल राजभर ने की, जबकि संचालन अरविन्द राजभर ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में राजभर समाज के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य शिवपूजन राजभर ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य और पराक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब विदेशी आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी ने भारत पर आक्रमण कर छोटे-बड़े राजाओं के राज्यों पर कब्जा करना तथा अत्याचार करना शुरू किया, तब महाराजा सुहेलदेव राजभर ने अपने सीमित संसाधनों और लगभग 10 हजार सैनिकों के बल पर उसकी विशाल सेना का सामना किया। उन्होंने कहा कि 10 जून 1034 को हुए ऐतिहासिक युद्ध में महाराजा सुहेलदेव ने विजय प्राप्त कर भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा की थी, जिसकी स्मृति में प्रत्येक वर्ष विजय दिवस मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव केवल राजभर समाज ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय समाज के गौरव हैं। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार महाराजा सुहेलदेव की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बहराइच में उनके नाम पर स्मारक एवं पार्क का निर्माण कराया गया है। साथ ही मेडिकल कॉलेज, डाक टिकट, सुपरफास्ट ट्रेन तथा विश्वविद्यालय जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके योगदान को सम्मानित किया गया है।

मुख्य अतिथि ने कहा कि वर्तमान सरकार सभी जातियों और वर्गों के महापुरुषों को उचित सम्मान देने का कार्य कर रही है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गरीबों, मजदूरों, किसानों और युवाओं तक पहुंच रहा है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति का विकास सुनिश्चित हो रहा है।

समारोह में वक्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव के जीवन संघर्ष, राष्ट्र रक्षा में उनके योगदान तथा सामाजिक एकता के संदेश पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास और महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।

कार्यक्रम में जिला मंत्री राजेन्द्र प्रसाद राजभर, चतुर्गुन राजभर, राम अजोर राजभर (प्रतिनिधि एमएलसी), बलराम गोंड, वीरेन्द्र प्रताप राजभर, अरविन्द राजभर, इन्द्रजीत राजभर, दुर्गा प्रसाद राजभर, गुलशन राजभर, फूलचन्द राजभर, शोभाराम राजभर, रामचन्द्र राजभर एडवोकेट, संतोष भारद्वाज, विश्राम राजभर, संजय कुमार जोरिया, कृपाशंकर गौतम, गोविन्द राजभर एडवोकेट, राजेन्द्र राजभर, धर्मेन्द्र राजभर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में महाराजा सुहेलदेव राजभर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।