अध्यक्ष सूरज शर्मा के संयोजन में आयोजित भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने कहा- ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम।धर्मनगरी अयोध्या में ज्येष्ठ माह के पांचवें बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। मुराव मंदिर स्थित निषाद राज चौराहा पर जन कल्याण महासभा के तत्वावधान में एक भव्य एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में अयोध्या धाम और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा एवं आस्था के साथ पंक्तिबद्ध होकर भोजन प्रसाद ग्रहण किया। भीषण गर्मी के बावजूद भक्तों का उत्साह चरम पर रहा और सुचारू व्यवस्था के चलते सभी ने बेहद अनुशासित तरीके से प्रसाद पाया। विशाल भंडारे का संयोजन जन कल्याण महासभा के अध्यक्ष सूरज शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में रोहित शर्मा, सोनल शर्मा, नवीन शर्मा और मनोज शर्मा ने सह-संयोजक की भूमिका निभाते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। इस पावन अवसर पर कलिकानंद महाराज, प्रदीप महाराज, दुर्गेश महाराज और विराट सम्राट सहित कई पूज्य संत-महात्माओं और गणमान्य प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर भंडारे का शुभारंभ कराया। सेवा भाव से ही मजबूत होती है सामाजिक समरसता: राजेश महाराज श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने सनातन संस्कृति में दान और सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। राजेश महाराज ने कहा
ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलवार का हमारे सनातन धर्म में प्राकट्य और सेवा की दृष्टि से अत्यंत अनूठा महत्व है। संकटमोचन हनुमान जी महाराज की असीम अनुकंपा से ही आज अयोध्या धाम की इस पावन धरा पर हजारों भक्तों को महाप्रसाद पाने का सौभाग्य मिला है। हमारी संस्कृति का मूल आधार ही यही है कि भूखे को भोजन कराया जाए और ‘नर सेवा को नारायण सेवा’ मानकर जीवन जिया जाए।
राजेश महाराज ने आगे आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि जन कल्याण महासभा और सूरज शर्मा का यह पुनीत प्रयास अत्यंत वंदनीय है। ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से न केवल समाज में समरसता और आपसी प्रेम बढ़ता है, बल्कि सेवा भाव भी सुदृढ़ होता है। देश-विदेश से अयोध्या आने वाले हर श्रद्धालु की सेवा और सत्कार करना हम सभी अयोध्यावासियों का परम कर्तव्य है। जयकारों से गूंजा क्षेत्र
भंडारे के समापन पर मुख्य आयोजक सूरज शर्मा ने मुख्य अतिथि राजेश महाराज, उपस्थित सभी संतों, सहयोगियों और सुरक्षा व्यवस्था में लगे वालंटियर्स का आभार व्यक्त किया। सुबह से शुरू हुआ प्रसाद वितरण का यह क्रम देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान पूरा मुराव मंदिर और निषाद राज चौराहा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ के गगनभेदी जयकारों से दिनभर गुंजायमान रहा।