अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्ती, 7,339 वाहनों पर कार्रवाई कर 33.71 करोड़ का अर्थदंड

लखनऊ,। प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से अप्रैल 2026 से प्रदेशभर में लगातार सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।भू-तत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर जनपद और निदेशालय स्तर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत विभिन्न जिलों में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ खनिजों का परिवहन करते पाए गए, जबकि जिन वाहनों में अवैध परिवहन अथवा ओवरलोडिंग की पुष्टि हुई, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की गई।विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 7,339 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। इनमें से 28 करोड़ 31 लाख रुपये की धनराशि संबंधित पक्षों से जमा भी कराई जा चुकी है।अभियान की समीक्षा करते हुए सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध अंतरराज्यीय ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) के माध्यम से सुनिश्चित कराया जाए तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि जनपदों में संचालित खनन क्षेत्रों के स्रोत बिंदुओं पर निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।माला श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार उपखनिजों के अवैध खनन और अवैध परिवहन के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए यह प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।