शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रतापगढ़ पहुंचे, गौ संरक्षण का आह्वान किया: सनातन धर्म की रक्षा और गाय को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रतापगढ़ पहुंचे, गौ संरक्षण का आह्वान किया: सनातन धर्म की रक्षा और गाय को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग

 

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का प्रतापगढ़ पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। रायबरेली-प्रतापगढ़ सीमा पर रानीगंज कैथवला से ही उनके स्वागत का क्रम शुरू हो गया। लालगंज, लीलापुर, रानीगंज अजगरा और मोहनगंज सहित कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। पूरे रास्ते धार्मिक नारों और जयकारों से माहौल गूंजता रहा। अपनी ‘गाविष्ट गो-राष्ट्र धर्मयुद्ध यात्रा’ के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से गौ संरक्षण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज को जागरूक कर गौ रक्षा को जनआंदोलन बनाना है। इस दौरान जगह-जगह भारी भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। बाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार गौ संरक्षण के बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। उन्होंने सड़कों पर घूम रहे गौवंश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थिति सरकारी दावों की सच्चाई उजागर करती है। प्रेस वार्ता में उपस्थित संतों और समर्थकों ने भी गौ रक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।