समाजसेवी सुरेश यादव ने सपा के वरिष्ठ नेता माखनलाल यादव का जाना हाल

 

आर्थिक मदद कर सो रहे पार्टी नेताओं को दिखाया आईना

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य और वर्तमान प्रदेश सचिव डॉ. माखनलाल यादव इन दिनों गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं। इसकी सूचना मिलते ही प्रसिद्ध समाजसेवी व एक राष्ट्रीय संस्था के अध्यक्ष सुरेश यादव उनके निजी आवास (ग्राम पंचायत सेंधूतारा, हैरिंग्टनगंज) पहुंचे। उन्होंने डॉ. यादव का कुशल-क्षेम जाना और उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही, भविष्य में भी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कुंभकर्णी नींद में सो रहे नेताओं को दिखाया आईना
वरिष्ठ नेता की सुध लेने पहुंचे समाजसेवी सुरेश यादव ने इस दौरान सपा के उन स्थानीय नेताओं पर तीखा तंज कसा जो इस विषम परिस्थिति में भी मौन साधे हुए हैं। उन्होंने नेताओं को ‘कुंभकर्णी नींद’ से जागने की नसीहत देते हुए कहा:
“पार्टी नेताओं को अपनी निद्रा त्यागकर अपने समर्पित कार्यकर्ता के लिए आगे आना चाहिए, ताकि संकट की इस घड़ी में उनका मनोबल न टूटे।’मानवीय सहयोग ही मेरा कर्तव्य अखबार से बातचीत करते हुए समाजसेवी सुरेश यादव ने कहा कि वे साल के बारहों महीने जरूरतमंदों की मदद करके आत्मसुख की अनुभूति करते हैं। जहां भी आवश्यकता होती है, वे जाति, धर्म और मजहब से ऊपर उठकर अपनी क्षमता के अनुसार मानवीय सहयोग करना अपना परम कर्तव्य समझते हैं।
सुरेश यादव ने भावुक होते हुए कहा, “माखनलाल यादव जी ने जीवनभर जनता के दुख-सुख को अपना माना। आज उनके इलाज में वित्तीय कमी होने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता, बशर्ते लोग दरिद्रता न दिखाएं। जिस पार्टी और जनता के लिए माखनलाल जी ने अपना खून बहाया है, आज उसके नेताओं को सिर्फ पसीना बहाने के लिए आगे आने की जरूरत है। तीन बार रहे प्रधान, किडनी संक्रमण से हैं पीड़ित आपको बताते चलें कि डॉ. माखनलाल यादव और उनकी पत्नी ग्राम पंचायत सेंधूतारा (ब्लॉक हैरिंग्टनगंज) से तीन बार प्रधान रह चुके हैं। डॉ. यादव सपा के स्थापना काल से जुड़े हैं और पूर्व में युवा इकाई ‘समाजवादी युवजन सभा’ के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
वे पिछले कई वर्षों से मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित हैं, जिसके चलते उनकी किडनियां संक्रमित हो गई हैं। लखनऊ के पीजीआई (SGPGHI) में उनका महीने भर से इलाज चल रहा था, जिसमें लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। अस्पताल के भारी खर्च के कारण उनकी जमा-पूंजी समाप्त हो चुकी है और इस समय उन्हें इलाज के लिए तत्काल बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता की आवश्यकता है।