भयहरणनाथ धाम में कब्जा मुक्ति व स्थाई चिन्हांकन हेतु 10वां सामाजिक सत्याग्रह रहा जारी 

भयहरणनाथ धाम में कब्जा मुक्ति व स्थाई चिन्हांकन हेतु 10वां सामाजिक सत्याग्रह रहा जारी

 

20 मई को भयहरणनाथ धाम की भूमि पर गड़ेगा पत्थर – नायब तहसीलदार

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

प्रतापगढ़।बाबा भयहरणनाथ धाम की भूमि को कब्जा मुक्त कराने हेतु 15 मार्च 2026 से चल रहा सामाजिक सत्याग्रह रविवार को देर शाम तक 10 वाँ सामाजिक सत्याग्रह जारी रहा। अधिक मास मेले के शुभारंभ अवसर पर सत्याग्रहियों ने “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ भोले नाथ से यहाँ के मूल भूत समस्याओं के समाधान की याचना की। थानाध्यक्ष पंकज राय ने चौकी प्रभारी राजीव वर्मा के साथ धाम पहुँच कर सत्याग्रहियों के शांति मय प्रयास की सराहना करते हुए हर संभव सहयोग का वायदा किया ।

 

यह जानकारी देते हुए महासचिव समाज शेखर ने बताया कि सदर नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र तिवारी ने दूरभाष पर महासचिव को सूचित किया है कि 20 मई 2026, बुधवार को राजस्व टीम धाम पहुंचकर भूमि का स्थाई चिन्हांकन करेगी। राजस्व अभिलेखों के अनुसार सीमांकन कर पत्थर गाड़े जाएंगे।

ज्ञातव्य हो कि 6 मार्च 2026 को निहित स्वार्थ के वशीभूत एक पुजारी कि आड़ में अराजक तत्वों ने धाम की प्राचीन बारादरी तोड़ दी व अवैध कब्जे का प्रयास निरंतर किया जाता रहा है। प्रबन्ध संस्था द्वारा 15 मार्च 2026 से कब्जे के विरोध में प्रत्येक रविवार को निरंतर सामाजिक सत्याग्रह शुरू किया गया है। 15 मई 2026 को एसडीएम सदर ने सभी विभागों को धाम की भूमि से अवैध कब्जे हटाने व सुरक्षा देने के निर्देश दिए।

 

महासचिव समाज शेखर ने कहा, “10 वें सामाजिक सत्याग्रह के बाद राजस्व विभाग जागा है। 20 मई को पत्थर गड़ने से धाम की सीमाएं हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएंगी। यह बाबा की कृपा और जनता के संघर्ष की जीत है।” उन्होंने कहा कि 17 मई से मलमास मेला शुरू हो चुका है। चिन्हांकन के बाद मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अतिक्रमण से मुक्त धाम के दर्शन होंगे। संस्थान के अध्यक्ष राज कुमार शुक्ल व कोषाध्यक्ष लाल जी सिंह ने सभी श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों व ग्रामवासियों से 20 मई को सुबह 10 बजे धाम पहुंचकर चिन्हांकन कार्य में सहयोग की अपील की है। प्रशासन से मांग की गई है कि चिन्हांकन के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए ताकि 6 मार्च जैसी अराजकता न दोहराई जाए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपाध्यक्ष वित्त एवं लेखा राजीव नयन मिश्र, उपाध्यक्ष कार्यक्रम उमाकांत पांडेय, सचिव संगठन राज किशोर मिश्र, मेला संयोजक कमला कांत मिश्र, मन्दिर व्यवस्था सचिव मुरली पांडेय, मनी राम पटेल व शत्रुघन सिंह आदि शामिल रहे.