अयोध्या की रामकथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, जावद से पहुंचे 200 श्रद्धालु; बोले– “रामनगरी में मिला अलौकिक आध्यात्मिक सुख”

 

हरि सत्संग मंडल के तत्वावधान में हो रहा नौ दिवसीय आयोजन, गुरुदेव श्री रुद्रदेव त्रिपाठी के मुखारविंद से बह रही कथा की रसधार

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। पावन रामनगरी अयोध्या में इन दिनों अध्यात्म और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा में देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद क्षेत्र से करीब 200 श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था अयोध्या पहुंचा है। ये श्रद्धालु न सिर्फ भावपूर्ण रामकथा का श्रवण कर रहे हैं, बल्कि नवनिर्मित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन कर अलौकिक एवं आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कर रहे हैं। गुरु प्रेरणा से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु, स्वयं के खर्च पर की यात्रा जावद निवासी श्रद्धालु सत्नाम कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नौ दिवसीय भव्य रामकथा 17 मई से प्रारंभ हुई है। इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन “हरि सत्संग मंडल” द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जावद के ही निवासी और उनके पूज्य गुरुदेव श्री रुद्रदेव त्रिपाठी की पावन प्रेरणा से ही इतनी बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचे हैं। विशेष बात यह है कि इस यात्रा में शामिल सभी भक्तगण अपने-अपने स्वयं के खर्च पर आए हैं, तथा हरि सत्संग मंडल समिति के सभी सदस्य मिलकर कथा के भव्य आयोजन और व्यवस्थाओं में अपना नि:स्वार्थ सहयोग दे रहे हैं।
श्री रुद्रदेव त्रिपाठी की भावपूर्ण शैली पर मंत्रमुग्ध हुए भक्त
अयोध्या के कथा पंडाल में इस समय पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। व्यासपीठ से कथाव्यास श्री रुद्रदेव त्रिपाठी द्वारा अपनी अत्यंत सुमधुर और भावपूर्ण शैली में प्रभु श्रीराम के चरित्र का वर्णन किया जा रहा है। उनकी मर्मस्पर्शी वाणी को सुनकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भाव-विभोर और मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
अयोध्या के बाद काशी और प्रयागराज की यात्रा का संकल्प
रामनगरी अयोध्या में अपने अनुभवों को साझा करते हुए सत्नाम कुमावत ने भावुक स्वर में कहा अयोध्या की पावन भूमि पर कदम रखते ही मन को जो असीम सुख और शांति मिली है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। रामलला के दर्शन कर हमारा जीवन धन्य हो गया। उन्होंने अपने क्षेत्र व देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि हर सनातनी को अपने जीवन में एक बार अयोध्या आकर भगवान श्रीराम के दर्शन करने चाहिए और इस दिव्य वातावरण का लाभ उठाना चाहिए।आयोजकों ने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर के दर्शन और कथा श्रवण के बाद, यह पूरा जत्था त्रिवेणी संगम प्रयागराज और बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी (वाराणसी) दर्शन के लिए भी प्रस्थान करेगा।