गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने साइकिल चलाकर नागरिकों के समक्ष ईंधन बचाने का प्रस्तुत किया उदाहरण।
गुजरात से ट्रेन में सफर कर कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पहुंचे राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत।
प्राकृतिक खेती के साथ गुजरात के किसान प्रति वर्ष कर रहे हैं 5 से 8 लाख रुपए की बचत।
थानेसर,प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी 14 मई : गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने कहा कि देश की मुद्रा स्फीति को मजबूत बनाने की बात ध्यान में रखते हुए नागरिक स्वदेशी खरीददारी करके भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान दें। ऐसा करने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को जल्दी हासिल किया जा सकेगा। राज्यपाल ने नागरिकों से मौजूदा समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेल का कम प्रयोग करने के आह्वान को अपनाने की अपील की।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत वीरवार को रेलवे स्टेशन कुरुक्षेत्र पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले गुजरात के राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत ने नागरिकों के समक्ष ईंधन बचाने का एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए गुजरात से कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन तक ट्रेन में सफर किया और शताब्दी एक्सप्रेस से सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर स्टेशन पर पहुंचे। यहां पर नागरिकों और गुरुकुल परिवार के लोगों ने राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत का जोरदार स्वागत किया। इसके उपरांत राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत साइकिल चलाकर गुरुकुल कुरुक्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल का शहर के नागरिकों ने जगह जगह स्वागत किया। इस साइकिल यात्रा में उनके साथ ओएसडी डा. राजेन्द्र विद्यालंकार, गौरव आर्य सहित साई के खिलाड़ी, आर्य समाज और गुरुकुल परिवार के साथ साथ आम नागरिक सहित लगभग 200 साईकिलिस्ट शामिल हुए।
राज्यपाल आचार्य डा. देवव्रत के नेतृत्व में यह साइकिल यात्रा रेलवे रोड, छठी पातशाही गुरुद्वारा, पैनोरमा चौक, महाराणा प्रताप चौक, एलएनजेपी अस्पताल व कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से होते हुए गुरुकुल कुरुक्षेत्र में पहुंची, यहां पहुंचने पर गुरुकुल के विद्यार्थियों ने परम्परा अनुसार स्वागत किया। इस दौरान भारत माता के जयघोष से पूरा गुरुकुल गूंज उठा। राज्यपाल ने सभी नागरिकों का साईकिल यात्रा में शामिल होने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर ईंधन को बचाने के लिए हवाई जहाज व हेलीकॉप्टर के सफर को देश में सामान्य स्थिति होने तक बंद कर दिया गया है और काफिला भी 3 वाहनों तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की है कि प्रधानमंत्री के ईंधन बचाने का संदेश घर घर तक पहुंचाए। इससे कोरोना काल की तरह देश इस विकट स्थिति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से विकास की राह पर तेजी से आगे बढेगा।
आचार्य डा. देवव्रत ने कहा कि गुजरात के सभी विश्वविद्यालयों को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन व्हीकल का प्रयोग बंद करने के लिए कहा गया है। इस दिन विश्वविद्यालयों में सार्वजनिक वाहनों से सफर किया जाए। साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन को यात्रा में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में देश के नागरिकों को अपना सहयोग देना चाहिए। देश के अंदर तेल संकट सामान्य होने तक ज्यादा से ज्यादा बचत करें।
आचार्य डा. देवव्रत ने कहा कि उन्होंने गुजरात में सप्ताह में एक बार एक गांव का दौरा करना शुरू किया हुआ है। इस दौरे के दौरान गांव के सरकारी स्कूल में रात को रुकते हैं। ग्रामीण के बीच एक जनसभा का आयोजन करते हैं। इस जनसभा के दौरान ग्रामीणों को प्राकृतिक खेती अपनाने, बच्चों को अच्छे संस्कार देने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और युवाओं को नशे से बचाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि गुरुकुल में पिछले 10 वर्षों से 200 एकड़ में प्राकृतिक खेती को किया जा रहा है। इस प्रचार को अभियान बनाकर गुजरात में शुरू किया। मौजूदा समय में 8.50 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इन किसानों ने प्राकृतिक खेती के साथ अपने खेत के उत्पादन को बढ़ाया है। एक-एक एकड़ में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान 5 लाख से 8 लाख रुपए तक वार्षिक बचत कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती करने वाले भूमि की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है। उन्होंने देश के किसानों से प्राकृतिक खेती, गाय पालन की अपील की।
इस मौके पर राज्यपाल की धर्मपत्नी दर्शना देवी, ओएसडी डा.विद्यालंकार, गौरव आर्य, कविता चौधरी, योगवीर लाम्बा, रामनिवास, समाजसेवी डा. सम्पूर्ण सिंह, मुख्य संरक्षक संजीव आर्य, धर्म सिंह, समाजसेवी पवन गर्ग, डीएसपी सुनील कुमार, डीआईपीआरओ डा. नरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।