संघ की जनगोष्ठी में राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जागरण पर जोर
बस्ती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य जनगोष्ठी में समाज जागरण, संगठन शक्ति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूती प्रदान की गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघ
संचालक डॉ. घनश्याम ने की, जबकि अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैद्य मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. मनमोहन वैद्य ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि भारत एक विशिष्ट राष्ट्र है, जहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से समाज और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण की दिशा में सतत कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में संघ द्वारा देशभर में डेढ़ लाख से अधिक सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास है उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ के विषयो सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण संरक्षण स्वदेशी भाव और नागरिक कर्तव्य को राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताते हुए कहा कि इन मूल्यों को अपनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।डॉ. वैद्य ने संगठन की शक्ति को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए और समाज जागरण को वर्तमान युग की अनिवार्यता बताया। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे वर्ष देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद, चिंतन और राष्ट्रहित के विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।
जनगोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने सामाजिक एकता सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्र सशक्तिकरण के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया कार्यक्रम में विभाग प्रचारक ऋषि जी, संतोष, अमरेन्द्र सिंह, राम, विपिन सोनी, खंड कार्यवाह अखिलेश, जिला बौद्धिक प्रमुख विकास, नरेश, अंकुर, आनंद, महेन्द्र सिंह, भानु सिंह, दीपांशु सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।यह आयोजन राष्ट्र चेतना, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक ऊर्जा का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।