मजदूर दिवस पर श्रमिकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम

मजदूर दिवस पर श्रमिकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम

 

घंटाघर चौक पर मजदूर दिवस कार्यक्रम, श्रमिकों के अधिकारों पर जोर

“तरुण चेतना संस्थान ने मनाया मजदूर दिवस, श्रमिकों के सम्मान में कार्यक्रम

 

प्रतापगढ़, घंटाघर चौक। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर तरुण चेतना संस्थान के तत्वाधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिकों के योगदान को सम्मान देना तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप श्रमायुक्त सुविज्ञ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “श्रम ही सम्मान है और श्रमिक ही देश की पहचान हैं।” उन्होंने आगे कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। श्रमिक अपने परिश्रम से न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, बल्कि देश की आर्थिक संरचना को भी मजबूत बनाते हैं। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण हेतु सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में तरुण चेतना संस्थान के निदेशक नसीम अंसारी ने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मजदूर समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि संस्थान सदैव श्रमिकों के हितों के लिए कार्य करता रहेगा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने श्रमिकों को संगठित रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि श्रमिकों के संघर्ष और उनके योगदान को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे अधिक प्रभावित श्रमिक वर्ग ही होता है, इसलिए उनके लिए विशेष सुरक्षा और सहायता योजनाओं का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्रमिकों को आपदा के समय सतर्क रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी व अधिवक्ता दीपेंद्र मिश्रा, हकीम अंसारी, श्याम शंकर शुक्ला, हुस्नारा बानो सहित कई गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर श्रमिकों के सम्मान में अपने विचार प्रस्तुत किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम का समापन श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।