22 मई से 20 जून तक होगा जनगणना का प्रथम चरण, 7 से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा: जिलाधिकारी

22 मई से 20 जून तक होगा जनगणना का प्रथम चरण, 7 से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा: जिलाधिकारी

 

 

*जनगणना प्रशिक्षण का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण*

 

 

अम्बेडकरनगर 20 अप्रैल 2026। जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी अनुपम शुक्ला ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला जनगणना अधिकारी श्रीमती ज्योत्सना बंधु के साथ आगामी जनगणना कार्यों को सुव्यवस्थितउ एवं त्रुटिरहित ढंग से संपादित करने के उद्देश्य से तहसील अकबरपुर एवं तहसील भीटी में यथा बीएनकेबी महाविद्यालय अकबरपुर एवं राम लखन पीजी कॉलेज भीटी में संचालित सुपरवाइजर एवं प्रगणकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थित कार्मिकों की सहभागिता तथा प्रशिक्षण सामग्री की उपयोगिता आदि का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे गणनाकर्मियों एवं पर्यवेक्षकों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें जनगणना के महत्व से अवगत कराया तथा कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की आधारशिला होती है। अतः प्रत्येक कार्मिक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शुद्ध एवं सटीक आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रशिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण को व्यवहारिक एवं सरल बनाते हुए सभी बिंदुओं को स्पष्ट रूप से समझाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लोग गंभीरता से प्रशिक्षण प्राप्त करें एवं जनगणना कार्य की सभी प्रक्रियाओं एवं गतिविधियों को अच्छे से सीखें और समझें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की उपरांत टेस्ट होगा टेस्ट में 70% से कम मार्क्स पाने वाले को पुनः प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध जनगणना से ही शासन को जनसंख्या की वास्तविक स्थिति, आवासीय संरचना, संसाधनों की उपलब्धता तथा नागरिक सुविधाओं की आवश्यकता का सही आकलन प्राप्त होता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा, खाद्य वितरण, शहरी एवं ग्रामीण विकास, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अतः प्रगणकों और सुपरवाइजर्स का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे प्रत्येक मकान, परिवार और नागरिक का विवरण पूर्ण शुद्धता एवं सावधानी के साथ दर्ज करने हेतु अच्छे से प्रशिक्षण प्राप्त करें।

इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण स्थल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर भोजन एवं नाश्ते हेतु मेन्यू निर्धारित करने और गुणवत्ता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त खाद्य को प्रत्येक दिन भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे महिला सुपरवाइजर एवं प्रगणकों के छोटे बच्चों हेतु सभी प्रशिक्षण केंद्रों पर आंगनबाड़ी की ड्यूटी लगाते हुए एक कमरे में बच्चों के खेलने की सामग्री की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों को अद्यतन मॉड्यूल, प्रपत्रों एवं डिजिटल उपकरणों की जानकारी भली-भांति प्रदान की जाए।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इससे पूर्व नागरिकों की सुविधा हेतु 07 मई से 21 मई 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की व्यवस्था भी उपलब्ध रहेगी, जिससे नागरिक स्वयं अपने विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें तथा प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।

इस अवसर पर संबंधित उपजिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।