मोहिउद्दीनगर में साहित्य सृजन मंच की नयी इकाई स्थापित की गयी
समस्तीपुर/मोहिउद्दीनगर (संवाददाता- प्रकाश कुमार राय) – नगर के ब्रह्मपुरा में शाहपुर पटोरी साहित्य सृजन मंच की एक नयी इकाई ‘ साहित्य सृजन मंच ब्रह्मपुरा ‘ स्थापित की गयी। कार्यक्रम में बज्जिका कवि दिनेश प्रसाद धुरंधर तथा कवि व रंगकर्मी राजेश कुमार सिंह के संरक्षण में गठित साहित्य सृजन मंच ब्रह्मपुरा इकाई में युवा कवि दीपक कुमार राय को सर्वसम्मति से संयोजक के पद पर मनोनीत किया गया। इस बात की घोषणा शाहपुर पटोरी साहित्य सृजन मंच के मुख्य संस्थापक, पर्यावरणविद् एवं अवकाश प्राप्त बैंक अधिकारी वशिष्ठ राय वशिष्ठ ने युवाओं से भरे आयोजन में कही। कार्यक्रम के पहले सत्र में मंच के मुख्य संस्थापक व पर्यावरणविद् श्री वशिष्ठ ने साहित्य सृजन मंच की स्थापना के मुख्य उद्देश्य से उपस्थित युवाओं सहित अन्य लोगों को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, साहित्य संरक्षण, साहित्य सृजन तथा अपने संस्कृति की रक्षा हेतु आगे आना चाहिए। विलुप्त होती पुस्तकों की संस्कृति पर रोक लगाने के लिए साहित्य सृजन मंच एक मील का पत्थर साबित होगा। हमें देश, समाज, अपने माता-पिता की सेवा करने हेतु स्वस्थ शरीर, उच्च विचार, संस्कार तथा शिष्टाचार अपनाना होगा। स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यावश्यक है। इसके साथ संस्कार, शिष्टाचार एवं विद्वता अर्जित हेतु साहित्य सृजन की अत्यावश्यकता है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में साहित्य सृजन कार्यशाला एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंच संचालन मुख्य मंच के संस्थापक वशिष्ठ राय वशिष्ठ ने की। बज्जिका कवि ज्वाला सांध्यपुष्प की अध्यक्षता में आयोजित इस सारस्वत कार्यक्रम में मंचस्थ मुख्य अतिथि फिरोज़ समस्तीपुरी व विशिष्ट अतिथि के रूप में कवि दुखित महतो भक्तराज, डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय, अरूण मालपुरी, अधिवक्ता सदानंद राय, दिनेश कुमार धुरंधर, दीपक कुमार राय, राजेश कुमार सिंह के अलावा युवा साहित्यप्रेमियों व कवियों राम नाथ पासवान, सोनु कुमार चौधरी, विकास कुमार चौधरी, प्रकाश कुमार राय, अविनाश कुमार, अंशु कुमार, रोशन राज, दीपक कुमार साह मौजूद रहे। अध्यक्षता करते हुए ज्वाला सांध्यपुष्प ने युवाओं को साहित्य सृजन की कला बताई। साथ में चल रहे जनगणना कार्य में भाषा कोड के स्थान पर बज्जिका भाषा लिखने का आग्रह किया। युवाओं द्वारा प्रस्तुत काव्य पाठ को श्रोताओं व वरिष्ठों की भरपूर प्रशंसा मिली। कवि सम्मेलन में तालियों की गड़गड़ाहट के स्वर सुनाई देते रहे। अंत में राजेश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम की समापन की घोषणा की।