उन्मुक्त उड़ान मंच पर *युग दीप नारियां* साझा काव्य संग्रह का अविस्मरणीय विमोचन

उन्मुक्त उड़ान मंच पर *युग दीप नारियां* साझा काव्य संग्रह का अविस्मरणीय विमोचन

 

उन्मुक्त उड़ान मंच आपका अपना साहित्यिक मंच के सौजन्य से साझा काव्य संकलन “युग दीप नारियाँ” का भव्य तथा दिव्य विमोचन आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को बैसाखी के पावन पर्व पर प्रातः 11 बजे मंच की संस्थापिका आदरणीया डॉ दवीना अमर ठकराल “देविका”जी के द्वारा किया गया।

 

परिश्रम, आस्था, बलिदान और नवजीवन का संदेश देने वाले पावन,पुनीत व पवित्र बैसाखी पर्व की बधाई देते हुए, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

 

“युग दीप नारियाँ” साझा संकलन देश की महान् ख्यातिलब्ध, प्रतिष्ठित,प्रज्ञावान 15 नारियों की जीवन गाथा है, जिसे मंच के 32 सम्मानित रचनाकारों ने दोहा, घनाक्षरी तथा छंद मुक्त काव्य विधा में अपनी लेखनी से सुशोभित किया है। जिसमें छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजनबाई, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी,समाजसेविका एवं भारतीय हस्तशिल्प पुनर्जागरण की अग्रदूत कमलादेवी चट्टोपाध्याय, भारत छोड़ो आंदोलन की वीरांगना तारा रानी श्रीवास्तव, राजस्थान की सामाजिक कार्यकर्ता भंवरी देवी, चिपको आंदोलन की अग्रणी पर्यावरण संरक्षिका गौरा देवी, भारत की प्रथम महिला विधायक और चिकित्सक मुथू लक्ष्मी रेड्डी, कृत्रिम पाँव के साथ एवरेस्ट फतह करने वाली विश्व की प्रथम महिला अरुणिमा सिन्हा, भारत की प्रथम महिला चिकित्सक आनंदीबाई जोशी, हिंदी की प्रख्यात लेखिका व नारीवाद की चिंतक प्रभा खेतान, भारत की प्रथम महिला श्रमिक नेता अनुसूया साराभाई, वैदिक काल की विदुषी दार्शनिक गार्गी वाचकन्वी, विदेश में भारत का ध्वज फहराने वाली क्रांतिकारी मैडम भीखा जी कामा, प्रख्यात भारतीय भौतिक विज्ञानी एवं मौसम वैज्ञानिक अन्नामणि, कर्नाटक की वीरांगना ओबब्वा तथा समकालीन हिंदी साहित्य की सशक्त उपन्यासकार मैत्रेयी पुष्पा को सम्मिलित किया गया है।

 

उपरोक्त महान् ख्यातिलब्ध नारी विभूतियों को अपनी लेखनी से अमर करने वाले मंच के सम्मानित रचनाकारों में सर्वप्रथम मंच की संस्थापिका आदरणीया डॉ दवीना अमर ठकराल “देविका”जी, श्री सुरेश चंद्र जोशी “सहयोगी”जी, डॉ फूलचंद्र विश्वकर्मा “ भास्कर”जी, श्री संजीव भटनागर “सजग”जी, आ रेखा पुरोहित “तरंगिणी”जी, श्री कृष्णकांत मिश्र “कमल” जी, डॉ स्वर्णलता सोन “कोकिला”जी, प्रजापति श्योनाथ सिंह “शिव” जी, श्री अशोक दोशी दिवाकर जी, आ सुमन किमोठी “वसुधा”जी, आ नीतू रवि गर्ग “कमलिनी” जी, आ अमिता गुप्ता नव्या “सुरभि” जी, आ एकता गुप्ता काव्या “महक”जी, आ रंजना बिनानी “स्वरागिनी” जी, आ कुसुमलता “तरुषी” जी डॉ अनीता राजपाल “वसुंधरा” जी, आ नीरजा शर्मा “अवनि” जी श्री सुनील भारती आजाद “सौरभ” जी, आ विशेष शर्मा “सुहासिनी” जी, आ अनु तोमर “अग्रजा” जी, श्री अरुण ठाकर जिंदगी “कवित्त” जी, आ वीणा टंडन पुष्करा जी, डॉ पूनम सिंह “सारंगी” जी, आ विनीता नरुला “प्रसन्ना” जी, आ किरण भाटिया “नलिनी” जी, अनु भाटिया “हंसिनी” जी, आ सरोज डिमरी “सौम्या” जी, आ आशा बुटोला “सुप्रसन्ना” जी, आ निशा कौल शर्मा “चंद्रिका” जी, आ प्रेम सिंह “काव्या” जी, आ अंजू श्रीवास्तव “अंजनी” जी, आ रंजीता “भारती श्री” जी हैं।

 

यह साझा संकलन “युग दीप नारियाँ” भारत की महान् नारियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को काव्य विधा में संजो कर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का श्लाघनीय प्रयास है। इसके प्रकाशन में मंच की संस्थापिका संयोजिका के साथ मंच के सम्मानित पदाधिकारियों, रचनाकारों, संपादक मंडल, परामर्शदात्री समिति आदि सभी का महत्वपूर्ण योगदान है।

 

विमोचन अवसर पर मंच की संस्थापिका एवं सम्पादिका डॉ दवीना अमर ठकराल जी ने सभी के सराहनीय प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा की तथा सभी की रचनाओं की सारगर्भित समीक्षात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से रचनाकारों के रचना कौशल्य को भी सराहा।

 

“युग दीप नारियाँ” साझा काव्य संग्रह अपने आप में अनूठा संग्रह है, जिसमें भारत की महान् नारी विभूतियों के कृतित्व को सम्मान दिया गया है। साझा संग्रह का आवरण पृष्ठ तथा संपूर्ण कलेवर चित्ताकर्षक तथा संयोजन अद्भुत है।