लखनऊ, । जनपद लखनऊ के विभिन्न गो आश्रय स्थलों का गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह एवं सदस्य राजेश सिंह सेंगर द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं समुचित देखभाल की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।निरीक्षण के क्रम में अस्थाई गो आश्रय स्थल पश्चिम गांव, ब्लॉक चिनहट का अवलोकन किया गया, जहां लगभग 192 निराश्रित गोवंश संरक्षित पाए गए तथा उनकी देखभाल के लिए केयरटेकर तैनात मिले। गोवंशों के पोषण के लिए साइलेज एवं भूसे की व्यवस्था सुनिश्चित पाई गई तथा टीकाकरण और टैगिंग का कार्य पूर्ण मिला। स्थल पर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए स्वच्छता, पेयजल सुविधा, चरही के उपयुक्त स्तर, छायादार व्यवस्था, भूसा भंडारण तथा हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इसके पश्चात कान्हा गोशाला अकुहारी, नगर पंचायत बख्शी का तालाब का निरीक्षण किया गया, जहां कुल 246 गोवंश, जिनमें 111 नर एवं 135 मादा शामिल हैं, संरक्षित पाए गए। गोशाला में बायोगैस संयंत्र स्थापित पाया गया तथा बायोगैस चूल्हा भी संचालित कराया गया। यहां प्राकृतिक पद्धति से सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है तथा गोबर का समुचित निस्तारण भी किया जा रहा है। गोशाला परिसर में स्वच्छता एवं आधारभूत व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं तथा भूसा भंडारण एवं दाना भंडार में पर्याप्त मात्रा उपलब्ध मिली।निरीक्षण के दौरान उत्तम नस्ल के नंदी रखने पर विशेष बल दिया गया, जिससे गोवंश के नस्ल संवर्धन को बढ़ावा मिल सके। साथ ही स्थानीय स्तर पर चारे एवं साइलेज की उपलब्धता विकसित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए।इसके उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें गो आश्रय स्थलों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए गो आश्रय स्थलों में स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, जूट के पर्दों के माध्यम से लू से बचाव, हरे चारे की निरंतर उपलब्धता तथा भूसे का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नियमित निरीक्षण, रिपोर्टिंग एवं व्यवस्थाओं के सतत सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया।इस अवसर पर अपर निदेशक-2 डॉ. अजय कुमार कन्नौजिया, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। गो सेवा आयोग द्वारा गोवंश संरक्षण, संवर्धन एवं गो आश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।