कलयुग में अमृतवाणी है श्रीमद् भागवत कथा: आचार्य भुवनेश शास्त्री
बस्ती। जनपद के उभाई गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन गुरुवार को कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। अयोध्या धाम से पधारे आचार्य भुवनेश शास्त्री जी महाराज ने महापुराण के महात्म्य का वर्णन करते हुए कथा श्रवण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कलयुग में मनुष्य अपने मन और भावों को स्थिर रखने के लिए सत्संग का सहारा ले सकता है। सत्संग के बिना विवेक का उदय संभव नहीं है और बिना सौभाग्य के सत्संग की प्राप्ति भी नहीं होती। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा जीवन का सार है, जिसे निर्मल मन और एकाग्र चित्त के साथ सुनना चाहिए।
आचार्य ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य को परम आनंद की प्राप्ति होती है तथा उसके समस्त कष्ट दूर होते हैं। यह भक्ति मार्ग की ओर अग्रसर करती है और आत्मिक शांति प्रदान करती है।
कार्यक्रम में मुख्य यजमान शिवकुमारी एवं चन्द्रशेखर उपाध्याय द्वारा आरती उतारी गई। इस अवसर पर शांति देवी, चन्द्रकमल उपाध्याय, रामपाल उपाध्याय, महेंद्र, अनिरुद्ध, मनोज, जितेन्द्र, शैलेंद्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।