रामनगरी में राष्ट्रपति का भव्य अभिनंदन: राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने की अगवानी, महापौर ने सौंपी ‘नगर की चाबी’

 

चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन अयोध्या पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु;

एयरपोर्ट से मंदिर तक 20 मंचों पर 250 कलाकारों ने बिखेरी संस्कृति की छटा

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 19 मार्च। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार को देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अयोध्या आगमन हुआ। रामनगरी की धरती पर उतरते ही उनका स्वागत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी अगवानी की। इस अवसर पर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी उपस्थित रहे।
नगर की चाबी से सर्वोच्च सम्मान
अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति का विशेष अभिवादन करते हुए उन्हें प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर की चाबी’ भेंट की। परंपरा के अनुसार, यह किसी भी अतिथि को नगर की ओर से दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो शहर के प्रति उनके अधिकार और स्नेह को दर्शाता है। गौरतलब है कि राष्ट्रपति का अयोध्या का यह दूसरा दौरा है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी अयोध्या एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक के मार्ग को उत्सव की तरह सजाया गया था। राष्ट्रपति के काफिले के गुजरते समय सड़क के दोनों ओर स्थापित लगभग 20 सांस्कृतिक मंचों पर उत्सव जैसा माहौल रहा। करीब 250 कलाकारों ने रामायण पर आधारित प्रसंगों, अवधी-भोजपुरी लोकगायन, और पारंपरिक लोकनृत्यों के जरिए भारतीय संस्कृति का मनमोहक प्रदर्शन किया। कलाकारों के स्वागत गीत और भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
पुष्प वर्षा और जयकारों से गूंजी नगरी राष्ट्रपति के स्वागत में अयोध्यावासी भी सड़कों पर उमड़ पड़े। पूरी राह में लोगों ने पुष्प वर्षा और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने भी हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाने के लिए मार्ग में रामलीला की झांकियां, ढोल-नगाड़े, शंखनाद और वेदपाठ का आयोजन किया गया, जिसने अयोध्या की समृद्ध धार्मिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक बार फिर जीवंत कर दिया।