दसवें अवतार की समय को प्रतीक्षा है- आचार्य देवव्रत जी महाराज
रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय
प्रतापगढ़। गोबरी अंतू के लोहंगपट्टी पूरे केवल में भागवताचार्य मोहित जी महाराज के निज निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आज चौथे दिवस की कथा कहते हुए कथा व्यास बालशुक आचार्य देवव्रत जी महाराज ने भगवान के दस अवतारों की कथा का गान करते हुए नौ चरित्रों की लीलाओं का वर्णन किया साथ ही अवश्यंभावी दशम चरित्र के अवतार भगवान कल्कि के भारतवर्ष के सम्भल नामक ग्राम में अवतार की चर्चा करते हुए कहा कि धरती जब जब धर्म से च्युत होती है तो सृष्टिकर्ता भगवान श्री हरि अपनी लीला के माध्यम से सृष्टि का विनाश करके उसे धर्म की स्थापना के साथ पुनर्निर्मित करते हैं संगीतमयी इस कथा के वक्ता और श्रोता दोनों ही भागवत प्रवक्ता हैं इस लिए यह कथा विशेष्य है इस संगीतमयी कथा सरिता के प्रवाह गोता लगाने के लिए समीपवर्ती जनपदों से भी श्रोता और वक्ता दोनों की ही शिष्य मंडली प्रतिदिन कथास्थल पर पधार कर कथा का अवगाहन कर रही है आज चतुर्थ दिवस की कथा में कथा यजमान सपत्नीक श्री विजय मिश्रा ,राम कल्प मिश्रा ,लाल जी मिश्रा, प्रवीण योगी,सुरेश मिश्रा, अखिलानंद मिश्रा,राजेश मिश्रा ,राजीव मिश्रा जज्जे प्रधान,अमित मिश्रा, आशीष मिश्रा ,सुधीर मिश्रा, विकास मिश्र, उमेश मिश्रा, पवन मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, सत्येंद्र, धीरेंद्र ,नीरज, पंडित मानस देव, धाम, शुभ, कान्हा, राम सजीवन ,अवधेश, दिनेश, सुभाष, संदीप ,दुर्गेश ,आलोक, विवेक, संतोष, सर्वेश, प्रदीप ,आयुष, आराध्या ,लकी, विकी, जिगर बाबू, रूद्र, धैर्य, चिराग, अंगद ,पंडित शिवकुमार मिश्र, पंडित अखिलेश मिश्रा आदि रहे