वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक और कई बार चौंकाने वाले फैसलों के लिए जाने जाते हैं। अब उन्होंने स्विट्जरलैंड पर आयात शुल्क (टैरिफ) बढ़ाने के पीछे एक बेहद अजीबोगरीब वजह का खुलासा किया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें स्विट्जरलैंड की महिला नेता के बात करने का लहजा बिल्कुल पसंद नहीं आया। महिला नेता फोन पर लगातार छोटा देश होने की दुहाई दे रही थीं, जिससे नाराज होकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैक्स में राहत देने के बजाय उसे और बढ़ा दिया।
फोन नहीं रख रही थीं महिला नेता, बार-बार दी दलील
फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने स्विस फेडरल काउंसिल की सदस्य कैरिन कैलर सटर के साथ हुई अपनी फोन कॉल का जिक्र किया। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने स्विट्जरलैंड पर पहले 30 फीसदी टैरिफ लगाया था, जो उनके हिसाब से काफी कम था। इसके बाद उन्हें स्विट्जरलैंड से एक कॉल आया। ट्रंप को लगा कि वह वहां की प्रधानमंत्री थीं। बातचीत के दौरान महिला नेता काफी आक्रामक थीं, हालांकि वे बात तमीज से कर रही थीं। उन्होंने बार-बार ट्रंप से कहा कि ‘सर हम एक बहुत छोटा देश हैं, हम इतना बोझ नहीं उठा पाएंगे, हम ऐसा नहीं कर सकते।Ó ट्रंप ने बताया कि वह फोन रखने को तैयार ही नहीं थीं और लगातार बहस कर रही थीं।
गुस्सा आया तो सजा के तौर पर बढ़ा दिया टैक्स
ट्रंप ने साक्षात्कार में कहा कि महिला नेता की एक ही रट और बात करने का तरीका उन्हें नागवार गुजरा। वह बार-बार कह रही थीं कि हम छोटे देश हैं, लेकिन ट्रंप ने उन्हें याद दिलाया कि छोटा देश होने के बावजूद अमेरिका के साथ उनका 42 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसिट (व्यापार घाटा) है। ट्रंप ने कहा कि उनका बात करने का अंदाज मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। ऐसे में उन्हें रियायत देने के बजाय, मैंने सजा के तौर पर टैरिफ को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 39 प्रतिशत कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि स्विट्जरलैंड अपना सामान अमेरिका निर्यात कर रहा था, लेकिन बदले में कोई भी टैरिफ नहीं दे रहा था।
दावोस में भी किया था जिक्र, पद को लेकर कंफ्यूज दिखे ट्रंप
इससे पहले दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भी ट्रंप ने इस वाकये का जिक्र किया था। वहां भी उन्होंने कहा था कि एक महिला, जो शायद राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री थीं, बार-बार कह रही थीं कि आप ऐसा नहीं कर सकते। हालांकि, यहां गौर करने वाली बात यह है कि स्विट्जरलैंड की शासन प्रणाली अलग है। वहां कोई एक प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं होता, बल्कि सरकार का संचालन सात सदस्यों वाली एक फेडरल काउंसिल करती है। ट्रंप जिसे प्रधानमंत्री समझ रहे थे, वह दरअसल काउंसिल की सदस्य थीं।