महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या | जनपद को कृमि मुक्त बनाने के संकल्प के साथ स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के सभागार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 10 और 13 फरवरी को चलेगा अभियान इस अभियान के तहत आगामी 10 फरवरी और 13 फरवरी 2026 को जनपद के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोर-किशोरियों को ‘अल्बेंडोजोल’ की गोलियां खिलाई जाएंगी। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आंतों के कीड़ों (कृमि) से सुरक्षित रखना और उनके बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है।
इन क्षेत्रों में विशेष फोकस
यह अभियान अयोध्या के मया बाजार एवं तारुन ब्लॉक को छोड़कर शेष 9 ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा। प्रशिक्षित अधिकारी अब अपने-अपने ब्लॉकों में एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और शिक्षकों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। डिवार्मिंग (कृमि मुक्ति) के बड़े फायदे अल्बेंडोजोल की दवा से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार होगा, बल्कि इसके कई दूरगामी लाभ भी हैं। एनीमिया (खून की कमी) पर नियंत्रण और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि। सीखने की क्षमता और स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में सुधार समुदाय में संक्रमण के खतरे में कमी। खुराक का निर्धारण अभियान के दौरान 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडोजोल की आधी टैबलेट और 2 वर्ष से ऊपर के बच्चों को पूरी टैबलेट दी जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को दवा जरूर खिलाएं।
प्रशिक्षण में ये रहे मौजूद
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पी.के. गुप्ता, डीएचईआईओ डी.पी. सिंह, आरकेएसके कोऑर्डिनेटर सतीश वर्मा, एनआई संस्था से आलोक द्विवेदी सहित विभिन्न ब्लॉकों के आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, बीसीपीएम, सीडीपीओ और शिक्षा विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे।