बचपन स्कूल के बच्चों ने बसंत पंचमी और रिपब्लिक डे का पर्व का किया सेलिब्रेट

बचपन स्कूल के बच्चों ने बसंत पंचमी और रिपब्लिक डे का पर्व का किया सेलिब्रेट

नौतनवां (महराजगंज) नौतनवा के बचपन स्कूल के बच्चों ने बसंत पंचमी और रिपब्लिक डे का पर्व सेलिब्रेट किया। इस अवसर पर बच्चों को दोनों पर्व के बारे में विस्तार से बताया गया।

बच्चों ने पहले माँ सरस्वती की अराधना की और उनका आशीष लिया। बच्चों ने एक साथ सरस्वती वंदना किया। सभी बच्चों ने माँ की प्रतिमा के सामने अपने नाम का पहला अक्षर लिखा और माँ से ज्ञान और शालीनता प्रदान करने की विनती की। इस अवसर सभी बच्चों ने पीले रंग के वस्त्र पहने थे जो बसंत को दर्शाता है। बच्चों को बताया गया कि माँ सरस्वती ज्ञान की देवी हैं और इनके आशीष से हम कला, वाणी, विद्या सभी में निपुण होते हैं। ज्ञान ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।

रिपब्लिक डे के अवसर पर बच्चों को हमारे भारत देश के बारे में बताया गया। बच्चों को आज़ादी, देश, देश भक्ति, तिरंगा, संविधान आदि शब्दों से परिचित कराया गया और उनके मायने भी बताया गया। बच्चों ने राष्ट्रीय ध्वज के बारे में विस्तार से समझा और हमेशा अपने देश का मान बढ़ाने की शपथ ली। बच्चों का परिचय स्वतंत्रता सेनानी से कराया गया बच्चों को महात्मा गाँधी, भगतसिंह सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, झाँसी की रानी आदि के चित्र दिखाकर उनका परिचय कराया गया और आज़ादी में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में विस्तार से बताया गया और इसे समझाने के लिये चित्र और कहानी का प्रयोग किया गया। बच्चों ने हाथ में तिरंगा लेकर एक स्वर में जन गन मन गाकर सम्पूर्ण वातावरण को देशभक्तिमय कर दिया।

डायरेक्टर अंजली ने सभी को पर्व की बधाई दी और बच्चों से कहा कि ज्ञान के बिना हम शून्य है इसलिये हम सबपे माँ सरस्वती का आशीर्वाद सदा बना रहे जिससे हम अपने बोली आचरण में सदैव शालीनता बनाये रखे और हर कार्य को पूरी निपुणता से कर सके और जीवन में सकारात्मक रहकर अपना लक्ष्य प्राप्त करे।

उन्होंने कहा की हम सबको अपने देश के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को पूरा करना चाहिये संविधान में रहकर संविधान का पालन करना चाहिए। हम सब को अपने भारत की शान बढ़ाने के लिये अपने हिस्से की ज़िम्मेदारी को बड़ी ज़िम्मेदारी से निभाना चाहिए। उन्होंने हर बच्चे को शिक्षा और व्यवहार दोनों को मजबूत करने के लिये सदैव प्रयास करने को कहा क्योकि एक अच्छा मनुष्य बनने के लिये हमें इन दोनों की सदैव आवश्यकता होती है। शिक्षा हमें ज्ञान देता है और आचरण हमारे व्यवहार को दर्शाता है। सभी ने एक साथ अपने देश के विकास की शपथ ली और भारत माता की जय से पूरा विद्यालय गुंज उठा।

बच्चों में आशुतोष, रियान, श्रीआशश्वी, सृष्टि, अर्पित, सूर्यांश, मृदुल, गुरलीन, सानवी, दीपांशु, सार्थक, आख्या, श्री, ऋषिका, कृतिका, धैर्य, वान्या, प्रिशा, कबीर, आदित्य, सिया, अर्पिता, शिवांश, आनंद, आनंदी, इशिका आदि थे ।

टीचर्स में रिंकल, अंशिका, इशिता, श्रद्धा, प्रीती, मनिता, प्रियंका,ईशा, अंजली, मोनिका, तेजस्वी, वैष्णवी थे ।