महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके ‘जवाहिर चंद्रावती सेवा ट्रस्ट’ द्वारा शुक्रवार को एक सराहनीय और मानवीय पहल की गई। ट्रस्ट की ओर से जिला जेल में निरुद्ध कैदियों के बीच दही, घी, अचार, तिलवा, गंजी और लइया जैसी विभिन्न पौष्टिक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म: डॉ. अनुराधा मौर्य कार्यक्रम का सफल नेतृत्व ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ. अनुराधा मौर्य (शालिनी मौर्य) ने किया। वितरण के उपरांत उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता और संवेदना पहुँचाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जेल में बंद कैदी भी हमारे समाज का हिस्सा हैं और उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाना एक सशक्त समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। टीम का सक्रिय योगदान
इस सेवा कार्य को संपन्न कराने में ट्रस्ट की सक्रिय सदस्य मीनू यादव, नीलम श्रीवास्तव, आशीष कौर और राजा भैया का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों ने पूरे अनुशासन के साथ वितरण प्रक्रिया को पूरा किया। खाद्य सामग्री पाकर कैदियों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान दिखाई दी।
जेल प्रशासन ने जताई प्रसन्नता
जेल प्रशासन ने ट्रस्ट के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे सामाजिक संगठनों के आगे आने से कैदियों में सकारात्मक सोच पैदा होती है और मानवीय मूल्यों के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है। उपस्थित लोगों ने इस कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया।