सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से प्रकृति और जीवन में आता है सकारात्मक परिवर्तन : प्रो. डॉ. नवीन सिंह
प्रयागराज। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे संपूर्ण भारत में मकर संक्रांति के रूप में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन सूर्य मकर रेखा की ओर अग्रसर होता है, जिसके साथ ही दिन बड़े होने लगते हैं और रातें छोटी होने लगती हैं। यह परिवर्तन प्रकृति के संतुलन और मानव जीवन दोनों पर गहरा प्रभाव डालता है।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव, विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ, भारत ने बताया कि हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से उत्तरायण का आरंभ माना जाता है, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है। इस पावन अवसर पर स्नान, दान, जप, तप और पूजा-अर्चना का विशेष विधान है। गंगा, यमुना एवं अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी मकर संक्रांति का महत्व अत्यंत स्पष्ट है। इस दिन से ऋतुओं में परिवर्तन प्रारंभ होता है, शीत ऋतु धीरे-धीरे विदा लेने लगती है और वसंत ऋतु का आगमन होता है। साथ ही दिन-रात के चक्र में होने वाला यह परिवर्तन मानव स्वास्थ्य, कृषि और पर्यावरण के लिए लाभकारी सिद्ध होता है।
आध्यात्मिक दृष्टि से मकर संक्रांति को आत्म-चिंतन और आत्म-विकास का श्रेष्ठ अवसर माना गया है। इस दिन किया गया स्नान, दान एवं संयम जीवन में पवित्रता और मानसिक शुद्धता प्रदान करता है। यह पर्व व्यक्ति को नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक ऊर्जा की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि यह धर्म, विज्ञान और आध्यात्म का सुंदर समन्वय है, जो मानव जीवन को संतुलन, स्वास्थ्य और सदाचार की दिशा में आगे बढ़ाने का संदेश देता है।