लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को तेज गति से लागू कराने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और सभी कार्य समयबद्ध तथा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे और कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक शुक्रवार को प्रत्येक विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान “विकसित भारत-जी राम जी” अधिनियम के महत्व और इसके लाभों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को ग्राम चौपालों में पंपलेट वितरण और समूहों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-गारण्टी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ अधिनियम-2025 पारित किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और रोजगार गारंटी सुनिश्चित करता है। इसमें रोजगार की अवधि 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है और श्रमिकों के पारिश्रमिक भुगतान को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।उप मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के प्रशिक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को पूरी क्षमता के साथ प्रशिक्षण दिया जाए। आजीविका मिशन के प्रशिक्षण एसआईआरडी में ही कराए जाएँ। प्रशिक्षणार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य हो और महिला सशक्तिकरण को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागीय भवनों के निर्माण, बजट व्यय और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।उप मुख्यमंत्री ने समूह सखियों की सक्रियता बढ़ाने, निष्क्रिय समूहों को सक्रिय करने और आजीविका मिशन में फील्ड में मैनपावर की समस्या शीघ्र हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों की बैठक बुलाने और कार्यों में देरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को भी कहा।बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग विजयलक्ष्मी गौतम, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा, महानिदेशक दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल. वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन निदेशक दीपा रंजन, यूपीआरआरडीए मुख्य कार्यपालक अधिकारी अंकुर कौशिक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक इशम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, ग्रामीण विकास कार्य अब तेज गति, उच्च गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ धरातल पर दिखाई देंगे, और महिलाओं एवं समूहों की सक्रिय भागीदारी से रोजगार और आजीविका सुनिश्चित होगी।