बालिका शिक्षा के प्रति हमेशा समर्पित रहें डॉक्टर हरिहर प्रसाद पांडेय का जीवन
*शक्ति शरण उपाध्याय*
बस्ती ( अनुराग लक्ष्य न्यूज ) शिक्षा के साथ सुरक्षा बालिका शिक्षा का नारा होना चाहिए। बालिकाए यदि शिक्षित होकर सुरक्षित नहीं रह पाएगी, तो हम बेहतर समाज या भविष्य की कल्पना भी नहीं कर सकेंगे। शिक्षा का स्तर जो भी हो लेकिन इसका महत्वपूर्ण भाग “आत्मरक्षा” होना चाहिए। बालिकाएँ कर्म व मन से निर्भया बने। आज बेटियों ने समाज में समानता को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर लिया है। देश और समाज दोनो की प्रगति शिक्षा पर निर्भर करती है और शिक्षित बालिकाएँ इस प्रगति को तीव्रता प्रदान करती है।राष्ट्र को समृद्ध बनाने में बेटियों की भागीदारी जरूरी है। बालिका को शिक्षित करना एक विकसित और समृद्ध समाज का आधार है।
70 के दशक में कप्तानगंज जैसे पिछड़े क्षेत्र में बालिका शिक्षा की अलख जागने में अपने अतुलनीय प्रयास से डॉक्टर हरिहर प्रसाद पाण्डेय हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
यह बातें स्वर्गीय पाण्डेय के पुत्र ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार के सदस्य अजय कुमार पाण्डेय ने मंगलवार को कप्तानगंज के इंदिरा भवन परिसर में प्रख्यात शिक्षाविद् रहे अपने पिता स्वर्गीय डॉक्टर हरिहर प्रसाद पाण्डेय के छठें पुण्यतिथि पर बैदिक मंत्रों से हवन पूजन के बाद उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहीं। वैदिक मंत्रों का वाचन पुरोहित आशीष त्रिपाठी द्वारा किया गया।भूतपूर्व शिक्षक झिनकान चौधरी ने कहा कि डॉक्टर पाण्डेय के प्रयासों का परिणाम है कि आज इस ग्रामीण क्षेत्र से शिक्षा ग्रहण कर तमाम बालिकाएं अच्छे पदों पर कार्यरत है। व्यक्ति अपने कर्मों के माध्यम से समाज में हमेशा जीवित रह सकता है। जो समाज के उत्थान की दिशा में सराहनीय प्रयास करता है तो उसे आने वाली पीढ़ियां भुला नहीं पाती है।
श्यामनारायण शुक्ला कक्कू, हरिशंकर मिश्र, प्रमोद ओझा, हरिशंकर पाण्डेय , शक्ति शरण उपाध्याय ने भी स्वर्गीय पाण्डेय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। संस्थापक सदस्या चंपा पाण्डेय, संजय पाण्डेय, शक्ति उपाध्याय, डॉक्टर दिनेश विश्वकर्मा, अनमोल पाण्डेय, उत्कर्ष, आशुतोष, आलोक राजेश,काव्या, बिंदु सहित अन्य लोगों द्वारा श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।