उन्मुक्त उड़ान मंच पर नववर्ष सप्ताह का भव्य आयोजन

उन्मुक्त उड़ान मंच पर नववर्ष सप्ताह का भव्य आयोजन

 

उन्मुक्त उड़ान साहित्यिक मंच पर नववर्ष के पावन उपलक्ष्य में नववर्ष सप्ताह का आयोजन अत्यंत गरिमामय, सृजनात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। मंच की द्रुत प्रगति को निरंतर दिशा देने वाली संस्थापिका एवं दक्ष, विलक्षण तथा समर्पित अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल “देविका” के कुशल मार्गदर्शन में, मंच के कर्मठ प्रभारियों, प्रबुद्ध साहित्य मनीषियों तथा सक्रिय कलमकार-वृंद के उल्लेखनीय सहयोग से यह सप्ताह पाँच विविध आयोजनों को समाहित करते हुए मनाया गया।

 

अंग्रेज़ी नववर्ष 2025 के निर्गमन एवं 2026 के आगमन को केंद्र में रखते हुए आयोजित इस नववर्ष सप्ताह का शुभारंभ दिनांक 29 एवं 30 दिसंबर 2025 (सोमवार–मंगलवार) को विषय

“कुछ भूलें, कुछ याद रखें—छोड़कर 2025 को 2026 में बढ़ें” के साथ हुआ।

इस विषय का सफल संचालन एकता गुप्ता ‘काव्या महक’ द्वारा किया गया। कुल 31 रचनाकारों ने प्रदत्त विषय पर सशक्त सृजन प्रस्तुत किया, जिनमें परिपाटी अनुसार 21 गीतात्मक रचनाएँ एवं गीतात्मक वीडियो सम्मिलित रहे।

 

दूसरे चरण में मंच पर दिनांक 31 दिसंबर 2025 एवं 1 जनवरी 2026 को द्विदिवसीय आयोजन हुआ, जिसका विषय था—

“नववर्ष पर दस संकल्प—बीस पंक्तियों में”। इस आयोजन का गरिमामय संचालन मंच के काव्य-सम्राट डॉ. फूलचंद्र विश्वकर्मा ‘भास्कर’ ने किया व 44 रचनाकारों की सहभागिता रही।

 

31 दिसंबर 2025 को नववर्ष की पूर्व संध्या पर आयोजित आभासी कार्यशाला एवं काव्य-गोष्ठी सौहार्दपूर्ण वातावरण में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

इस अवसर पर कुछ नया रचने का संकल्प, मन को नव आयाम देने की आकांक्षा और रचनात्मक उड़ान को स्वर प्रदान किया गया—“नववर्ष नहीं, नव संकल्प गढ़ें; हिंदी को स्वर दें, मंच को आकार दें।”

 

मंच अध्यक्षा के कुशल संचालन में विषय से संबंधित विविध साहित्यिक चर्चाएँ हुईं, जिनमें उपाध्यक्ष, सह-अध्यक्षा, प्रभारियों एवं सदस्यों की सक्रिय सहभागिता से वातावरण अत्यंत काव्यमय एवं बोधगम्य बन गया।

 

दिनांक 1 जनवरी 2026 को निरंतर एकल काव्य-पाठ का आयोजन हुआ। समयबद्धता की प्रतीक, हमारी ऊर्जावान एवं सक्रिय अध्यक्षा डॉ. दवीना अमर ठकराल “देविका” ने सर्वप्रथम सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात समीक्षा, मार्गदर्शन, भावनात्मक संबोधन तथा प्रेरणादायक रचना-पाठ के साथ यह साहित्यिक क्रम देर रात्रि तक अनवरत चलता रहा। कुछ तकनीकी अथवा समयगत व्यवधानों के बावजूद आयोजन पूर्णतः सफल रहा। सभी 16 कवि / कवयित्रियों की प्रस्तुति वीडियो मंच पर उपलब्ध हैं, जिन्हें सुनकर रचनाकारों को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

 

इसके उपरांत दिनांक 2 एवं 3 जनवरी 2026 (शुक्रवार–शनिवार) को मंच द्वारा एक और द्विदिवसीय आयोजन आयोजित किया गया, जिसमें स्वैच्छिक विधा में अभिव्यक्ति आमंत्रित थी—

“बीते वर्ष की खट्टी-मीठी यादों संग, आओ नववर्ष पर लें हम संकल्प।”

इस आयोजन का सशक्त एवं सलीकेदार निरूपण बिटिया अमिता गुप्ता ‘नव्या–सुरभि’ द्वारा किया गया। बड़ी संख्या में संबुद्ध एवं प्रतिभाशाली46 सृजनकारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सभी प्रतिभागी प्रशंसा के पात्र रहे।

 

उन्मुक्त उड़ान मंच निरंतर प्रगति और ख्याति की ओर अग्रसर है। यहाँ प्रतिभागियों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण यह तथ्य है कि मंच के विषय सदैव सुंदर, प्रेरक एवं समसामयिक होते हैं—और भविष्य में भी रहेंगे। मंच की सबसे बड़ी शक्ति इसके नेक इरादे, साहित्यिक उद्देश्य और परिवारवत् एकजुटता है।

 

एक उल्लेखनीय तथ्य यह भी है कि मंच पर साप्ताहिक आयोजन समांतर रूप से निरंतर चलता रहता है। इसी परिपाटी में दिनांक 29 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक विषय

“केवल एक दिन नहीं—प्रति पल, प्रति क्षण हो नववर्ष का अभिनंदन; हर श्वास में हो नव उमंग, हर कदम पर नव संकल्प का स्पंदन” का आयोजन किया गया, जिसका संचालन भार अशोक दोशी ‘दिवाकर’ को सौंपा गया। इस आयोजन में 26 रचनाकारों ने निर्देशानुसार अपने मौलिक, गहन एवं विचारोत्तेजक भाव प्रस्तुत किए, वे सभी सम्मान के पूर्णतः अधिकारी हैं।

 

इसी सप्ताह मंच की सक्रिय कलमकारा एवं वरिष्ठ कवयित्री आदरणीया कुसुमलता तरुषी जी का जन्मदिवस भी मंचीय परंपरा के अनुसार अत्यंत भावपूर्ण एवं भव्य रूप से मनाया गया। मंच सदस्यों ने लिखित शुभकामनाओं द्वारा आत्मीय भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति की।

अभिकल्पक प्रभारियों का अतुलनीय योगदान सदैव सराहनीय है, जो अपने अमूल्य समय से आकर्षक पोस्टर एवं सम्मान-पत्रों का निर्माण कर मंच की गरिमा बढ़ाते हैं।सम्मानित कार्यकारिणी सहित मंच के प्रति समर्पित प्रत्येक सदस्य का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।

अंत में यही कहा गया कि-नववर्ष आत्ममंथन, नवचिंतन, नवसंकल्प और आत्मनिर्माण का पावन अवसर है, जो हमें अतीत की सीखों को आत्मसात कर भविष्य की ओर सकारात्मक दृष्टि से अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि नववर्ष 2026 आपके जीवन में नवीन ऊर्जा, दृढ़ संकल्प, स्वास्थ्य, सौहार्द, सफलता और समृद्धि का संचार करे तथा आपके जीवन-पथ को सुख, शांति और संतुलन से आलोकित करे।