सर्द हवाओं और गलन से ठंड बढ़ी: तापमान लगातार नीचे गिर रहा, दृश्यता 5 मीटर से भी कम

सर्द हवाओं और गलन से ठंड बढ़ी: तापमान लगातार नीचे गिर रहा, दृश्यता 5 मीटर से भी कम

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

प्रतापगढ़ जिले में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से चल रही सर्द हवाओं और गलन के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के समय गलन इतनी बढ़ जाती है कि घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। जिले में मंगलवार को न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना रहा। रात के समय पारा 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सुबह घना कोहरा छाने से दृश्यता 5 मीटर से भी कम हो गई, जिससे सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। ठंड और गलन के चलते बाजारों में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है। स्वास्थ्य को लेकर चाइल्ड रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज शुक्ला ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से ठंड में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। गर्म कपड़े पहनना, सिर-कान ढककर रखना और सुबह-शाम की ठंडी हवाओं से बचना बेहद जरूरी है। लापरवाही से सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ठंड का असर अब खेती पर भी साफ नजर आने लगा है। घने कोहरे का प्रभाव सरसों की फसल पर पड़ रहा है, जिससे फूल झड़ने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, गेहूं की फसल के लिए हल्की ठंड लाभकारी मानी जा रही है, लेकिन लगातार कोहरा और अत्यधिक गलन पौधों की बढ़वार को प्रभावित कर सकता है। किसान मौसम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीणा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और लगातार चल रही पछुआ हवाओं के कारण ठंड का असर और तेज हो गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का प्रभाव मैदानी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक घना कोहरा, गलन और ठंड बनी रहने की संभावना है।