अयोध्या में हरे पेड़ों पर चला आरा संत दास ने खोली प्रशासन की पोल, आंदोलन की चेतावनी

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। रामनगरी के थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र अंतर्गत वासुदेव घाट मोहल्ले में प्रतिबंध के बावजूद आम के हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर बड़ी छावनी के शिष्य संत दास उर्फ राजेश मानव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और दोषियों पर कार्रवाई न होने की स्थिति में जन आंदोलन की चेतावनी दी है। क्या है पूरा मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संत दास उर्फ राजेश मानव ने बताया कि वासुदेव घाट स्थित नगर पालिका क्षेत्र संख्या 043/1862/461 में करीब 50 वर्ष पुराना आम का हरा पेड़ अवैध रूप से काट दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम लखन (पुत्र अज्ञात) द्वारा वाहन संख्या UP42 DT 4935 के जरिए कटी हुई लकड़ियों को ठिकाने लगाया जा रहा था।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
संत दास के अनुसार, घटना की सूचना तत्काल 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने एक गाड़ी और उसके ड्राइवर को हिरासत में भी लिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चौकी इंचार्ज नयाघाट को लिखित प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। एक गाड़ी लकड़ी पहले ही मौके से भेजी जा चुकी थी।
साक्ष्य उपलब्ध होने के बाद भी पुलिस ने ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की। पर्यावरण के संरक्षण के दावों के बीच प्रशासनिक लापरवाही चरम पर है। हरे पेड़ों का अवैध कटान सीधे तौर पर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ है। पुलिस ने गाड़ी पकड़ी, ड्राइवर पकड़ा, फिर भी FIR दर्ज न होना उनकी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो हम उच्च अधिकारियों के द्वार खटखटाएंगे और जन आंदोलन को मजबूर होंगे। संत दास उर्फ राजेश मानव प्रशासनिक चुप्पी और आक्रोश नगर क्षेत्र में सरेआम हुए इस अवैध कटान ने वन विभाग और स्थानीय पुलिस की सतर्कता की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर आक्रोश है कि साक्ष्य सामने होने के बावजूद आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध क्या कदम उठाते हैं।