साजिद बहराइची को दिया गया फातेह नशिस्त

*साजिद बहराइची को दिया गया फातेह नशिस्त*

बहराइच/ बज़्मे नूरे अदब की महाना ग़ज़ल की तरही नशिस्त आज मिसरे तरह //- **ज़ब्त करते है तो दामन भी जला जाता ** — पर फ्लैक्स हाउस, नाज़िरपुरा, बहराइच में सम्पन्न हुई जिसकी सदारत नानपारा से तशरीफ़ लाये जनाब अमानत नानपारवी साहब ने की और निज़ामत मुशायरे के मशहूर नाज़िम जनाब राशिद राही साहब ने की। आज की नशिस्त को तंज़ीम के नायब सेक्रेटरी/मीडिया इंचार्ज जनाब तौहीद अहमद ने नाते पाक से नशिस्त का आगाज़ किया। मरहूम असर बहराइची के चश्मो चिराग नायब सदर नय्यर साहब के बेटे हुसैन ‘असर’ ने मरहूम असर बहराइची की नात-ए- पाक पढ़ी। नशिस्त में आये हुए शायरों में सगीर आबिद रिज़वी साहब, जनाब अंजुम ज़ैदी साहब, जनाब नोशाद हुसैन साहब, नाज़िम बहराइची, हैदर हल्लोरी, साजिद बहराइची, मंज़ूर बहराइची साहब, गुलशन पाठक, राशिद राही, नूरुल हसन, हैदर हसनैन ने मिसरे तरह पर अपनी बेहतरीन ग़ज़लें पेश की।

आज की नशिस्त की सदारत कर रहे मेहमान शायर जनाब अमानत नानपारवी साहब ने बेहतरीन तरही ग़ज़ल के लिए फातेह नशिस्त अवार्ड जनाब साजिद बहराइची साहब को दिया। तंज़ीम के सदर जावेद जाफरी व सरपरस्त हाजी सेराज नय्यर, अकरम सईद साहब, गुलशन पाठक साहब ने आज इस नशिस्त की सदारत कर रहे जनाब अमानत नानपारवी साहब को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। नशिस्त का समापन राशिद बहराइची साहब की नाते पाक से हुई।