लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय नेहरू भवन में आज पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे स्व. श्रीप्रकाश जायसवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एकत्र होकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने पहुंचे। सभा के दौरान उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और उनके लंबे राजनीतिक जीवन, संघर्षों तथा संगठन के प्रति समर्पण पर विस्तार से चर्चा हुई।स्व. श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन शुक्रवार, 28 नवंबर को हुआ था। उनके निधन ने न केवल कानपुर बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति को गहरा आघात पहुँचाया है। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि वे एक जमीन से जुड़े, कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद रखने वाले और हर परिस्थिति में पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहने वाले नेता थे। शहर अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष, मेयर से लेकर कानपुर के तीन बार सांसद और दो बार केंद्रीय मंत्री बनने तक उनकी राजनीतिक यात्रा कांग्रेस संगठन के प्रति समर्पण का प्रमाण थी।सभा में वरिष्ठ प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि 2009 के लोकसभा चुनाव में जब वे उनके चुनाव प्रभारी थे, तब पूरे कानपुर में “आपका श्रीप्रकाश जायसवाल” नारा दिखाई देता था। उन्होंने कहा कि जायसवाल कार्यकर्ताओं के चहेते, मिलनसार और सरल व्यक्तित्व वाले नेता थे जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। आज के राजनीतिक माहौल में ऐसे नेताओं से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य नेताओं ने भी दिवंगत नेता के मार्गदर्शन, संगठनात्मक कौशल और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके जाने से एक अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्व की कमी पैदा हुई है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।नेहरू भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, वरिष्ठ प्रवक्ता अंशू अवस्थी, लखनऊ जिला कांग्रेस अध्यक्ष रुद्र दमन सिंह ‘बबलू’, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव, प्रवक्ता हम्माम वाहिद, वरिष्ठ नेता सिद्धि श्री, विधानसभा प्रत्याशी अकबर अली सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभा के अंत में सभी ने दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।