/ आज रहेगी ग्यारहवीं शरीफ की धूम /
शाह ए बगदाद के आका मेरे महबूब ए सुब्हानी, दो अलम में भी हैं आला मेरे महबूब ए सुब्हानी, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,
अनुराग लक्ष्य, 4अक्टूबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
मुस्तफा जान ए रहमत का महीना माह ए बारह रबीउल अव्वल हमसे गुज़रा और इसी के साथ ग्यारहवीं शरीफ का अकीदत भरा महीना मेरे रब ने हमें बतौर तोहफा आता कर दिया। इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि अल्लाह खुद कह रहा है कि ऐ मोमिनों अगर तुम्हारी झोलिया, अपने दामन माह रबीउल अव्वल में अगर नहीं भर सके तो लो एक और पाक और मुकद्दस महीना ग्यारहवीं शरीफ तुम्हें अता कर रहा हूं।
तुम मेरे गौस का दामन पकड़ कर अपनी जायज मुरादें और ख्वाहिशें मुझसे तलब कर सकते हो। जिसे मैने सारे वालीअल्लाह का सरदार बनकर भेजा है। दुनिया जिसे पीरान ए पीर हज़रत शेख अब्दुल कादिर जिलानी के नाम से जानती है। तभी तो सलीम बस्तवी अज़ीज़ी तड़प कर यह कहने के लिए मजबूर है कि,
शह ए बगदाद के आका मेरे महबूब ए सुब्हानी ,
दो आलम में भी हैं आला मेरे महबूब ए सुब्हानी ।
जो दिन शोले उगलते हों और रातें। हों कयामत सी,
वहां भी आपका साया मेरे महबूब ए सुब्हानी ।।
मुम्बई में आज नाइंटी फीट, मदीना मस्जिद, केला बखार सहित कुर्ला, बांद्रा, महिमा, गोवंडी, मानखुर्द, जोगेश्वरी, धारावी, दादर, एंटॉप हिल, जकरिया रोड, मस्जिद बंदर, मुहम्मद अली रोड, नागपाडा में भी सरकार ए गौस ए पाक की ग्यारहवीं मनाई जा रही है।