लखनऊ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की कड़ी में सोमवार को उद्यान निदेशालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने की। बैठक में औद्यानिक फसलों और उनके प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।बैठक में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने डिलाइट इंडिया संस्था को निर्देशित किया कि वह देश के अन्य राज्यों में औद्यानिक उत्पादों के निर्यात की मौजूदा स्थिति, अपनाई जा रही तकनीकों, प्रक्रिया व रणनीतियों का गहन अध्ययन करे और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश को अपनी नीतियों को बेहतर करने में मार्गदर्शन मिलेगा।
मंत्री ने किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुँचाने के लिए पंफलेट छपवाने और वितरित करने की बात कही, जिससे उन्नत खेती, कीट प्रबंधन और प्रसंस्करण की जानकारी उन तक सीधे पहुँचाई जा सके। इसके अतिरिक्त जिला उद्यान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कम से कम 500 किसानों को जोड़ें, ताकि विभागीय योजनाओं, नई तकनीकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों आदि की जानकारी उन्हें त्वरित मिल सके।मंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से विभागीय गतिविधियों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया और इसे आवश्यक बताया ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सके।बैठक में आगामी मंडलीय गोष्ठियों एवं आम महोत्सव-2025 की तैयारी और आयोजन पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्यों को तीव्रता से क्रियान्वित किया जाए, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिल सके और किसान भी समृद्धि की ओर अग्रसर हों।