मेले में मेरे बच्चे छुपा लेते हैं आंसू
कुछ ज़िद नहीं करते हैं समझदार बहुत हैं
बज़्म ए राहत नानपारा की तरही शेरी नशिस्त राहत जनता इंटर कालेज में सम्पन्न।
बहराइच बज़्म ए राहत नानपारा के संयोजन में मासिक तरही शेरी नशिस्त का आयोजन राहत जनता इंटर कालेज नानपारा में बुज़ुर्ग शायर मौलाना हसन अली शंकर पूरी की अध्यक्षता में व शहीद नानपारवी की निज़ामत में तरही शेरी नशिस्त सम्पन्न हुई। नशिस्त का आगाज़ रईस सिद्दीकी ने नाते पाक से किया। इसके बाद तरही मिसरा (इस दौर में जालिम के परस्तार बहुत हैं )पर मुकामी व बैरुनी शायरों ने अपना कलाम पेश किया जिनके चुनिंदा शेर पाठकों के लिए समर्पित है। मसऊद के दरबार में शैतां न घुसेगा मालूम है कि मारते सालार बहुत हैं अबरार नानपारवी किस मुंह से कहें कर दे फिलिस्तीन पर करम
रब्बे करीम हम भी गुनहगार बहुत हैं
जमीर नानपारवी क्यों दोस्त हजारों को बना रखा है मुर्शिद
कांधे तो जनाजे के लिए चार बहुत हैं
कलीम खान बहराइची
माना कि गुनहगार ख़ताकार बहुत हैं
एक हम ही नहीं इश्क में बीमार बहुत है तारिक हाशिम बहराइची
पर्दे में रहो पर्दे में रहना है मुनासिब
सुनते हैं यहां तालिब ए दीदार बहुत हैं
फौक बहराइची
पहले तो जबानों पर लगा देते हैं उनसे
कह दो अभी पैरारये इजहार बहुत हैं
हसन शंकरपुरी
ऐ शम्स यह गजल नहीं दिल की पुकार है
मशहूर तेरी गजलों के अशआर बहुत हैं
शम्स नानपारवी
ग़ीबत किसी की हम से तुम करना न कभी अब
हम खुद नजर में अपने गुनहगार बहुत हैं
सफीर नानपारावी
मेले में मेरे बच्चे छुपा लेते हैं आंसू
कुछ जिद नहीं करते हैं समझदार बहुत हैं
रईस सिद्दीकी बहराइची प्रोग्राम के अंत में आयोजक शिक्षक आफाक अहमद ख़ान ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए शेरी नशिस्त आगामी माह की 23 जून की घोषणा की।