अनुराग लक्ष्य, 28 मई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
आ गई चलते चलते कहाँ ज़िंदगी,
थी जहाँ मेरी मंज़िल वहाँ ज़िंदगी।
मेरे हाथों में दे सिर्फ मेरा क़लम,
रखले तू पास तीर ओ कमाँ ज़िंदगी।।
आप इस बात को मानें या न मानें लेकिन यह बात उतनी ही सच्ची है जितने कि यह सूरज और चांद, यह धरती वोह आसमान।
इंसान जब जब ख़ुद से एक लड़ाई छेड़ देता है तो उसके सामने बड़े से बड़े तूफ़ान को भी रास्ता देना ही पड़ता है। और इस बात को सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ने साबित किया है तभी तो अपनी शायरी से यह पैगाम भी दे रहे हैं कि,
जिस भी कश्ती के मुहाफ़िज़ तुम बनो हरगिज़ उसे,
साँस भी थम जाए गर न छोड़ना मझधार में ।
मंज़िलें उनके ही क़दमों में ठहरती हैं सलीम,
जोड़ लेता है जो ख़ुद को वक्त की रफ्तार में ।।
उनकी इसी कामयाबी और उपलब्धि पर आज जहां मुंबई की तमाम साहित्यिक और अदबी संस्थाएं उन्हें अपना भरपूर प्यार और दुलार दे रही हैं। वहीं मुंबई की सामाजिक संस्था , राह ए फलाह क़ौम ओ मिल्लत फाउंडेशन , उनके 61 वें जन्म दिवस के अवसर पर एक गंगा जमुनी मुशायरा/कवि सम्मेलन आयोजित कर रही है। यह आयोजन आने वाली 15 जून उनके जन्म दिन के अवसर पर मानव कल्याण संघर्ष मंच फाउंडेशन के अध्यक्ष संस्थापक नईम खान की सरपरस्ती में आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुंबई के अदबी और साहित्यिक गलियारों से जुड़े एक से एक नामचीन शायरों कवियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश की ज़मीं से भी शायरों और शायरात सहित कुछ कवियों का भी नज़ारा आप देख सकेंगे।
आपको बताते चलें कि इस आयोजन के रूह ए रवाँ समाज सेवी नईम खान हैं, जो अपनी संस्था के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, होली मिलन समारोह एवम् ईद मिलन समारोह पर ऐसे भाई चारे के कार्यक्रम बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में करते रहते हैं।
आने वाले शायरों और कवियों में मुख्य रूप से इमरान गोंडवी साहब, गीतकार राम जी कनौजिया साहब, शाइरा पूनम विश्वकर्मा साहिबा, शायर ज़ाकिर हुसैन रहबर , रवि केडिया आदिल, साहिल प्रतापगढ़ी, सुकून जौनपुरी, राजेश उन्नवी, रवि यादव सहित मुंबई से शाइरा आशू शर्मा साहिबा भी शामिल होंगी।