महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्री सीतारामीय सेवा मंदिर में हनुमान जयंती के पावन अवसर पर आज हनुमान जी की नूतन मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत रूप से सम्पन्न हुई। चैत पूर्णिमा के इस शुभ दिन पर श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के अनुसार यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान आयोजित किया गया।
मंदिर के महंत राजेंद्र दास वेद जी ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि हनुमान जयंती पर प्राण प्रतिष्ठा का विशेष महत्त्व होता है और इसी को ध्यान में रखते हुए इस पवित्र दिन को चुना गया। उन्होंने बताया कि वेद मंत्रों के उच्चारण और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिससे मंदिर में एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ है। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद पांडे ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि समारोह में ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी, सदस्यगण एवं स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उन्होंने इस भव्य आयोजन में सभी की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। पूरे मंदिर परिसर को इस विशेष अवसर के लिए भव्य रूप से सजाया गया था, जिससे वातावरण और भी अधिक भक्तिमय और आकर्षक बन गया था। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों ने मिलकर विशेष तैयारी की थी, जिसका परिणाम यह भव्य और सुव्यवस्थित समारोह रहा। श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने हनुमान जी की नूतन मूर्ति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस पावन अवसर पर मथुरा दास जी, भागवत किशोर दास जी, विमल शरण दास जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह श्री सीतारामीय सेवा मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है और स्थानीय समुदाय के लिए आस्था और भक्ति का एक नया केंद्र स्थापित हुआ है।