लखनऊ राजधानी में एथेनॉल से भरे एक टैंकर की लूट और चालक के साथ मारपीट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की सर्विलांस और क्राइम टीम ने थाना बक्शी का तालाब पुलिस के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने वाले छह शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को आबकारी अधिकारी बताकर टैंकर को रोका था और फिर चालक को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया।यह घटना 21/22 मार्च की रात करीब 1:30 बजे हुई थी, जब चार अज्ञात लोगों ने रामपुर देवरई स्थित SB कोल्ड स्टोरेज आइस फैक्ट्री के पास एक एथेनॉल से भरे टैंकर के सामने अपनी कार लगाकर उसे रोक लिया। इसके बाद, उन्होंने खुद को आबकारी अधिकारी बताकर चालक आरिफ अली से पूछताछ शुरू कर दी। देखते ही देखते उन्होंने चालक के साथ मारपीट की और टैंकर को लूटकर फरार हो गए। पीड़ित चालक ने अगले दिन बक्शी का तालाब थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस उपायुक्त उत्तरी के निर्देश पर गठित टीमों ने आधुनिक तकनीकों की मदद से इस लूटकांड की गुत्थी सुलझाई। 24 मार्च को रैथा अंडरपास के पास से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान लखीमपुर और उन्नाव के रहने वाले रंजीत अवस्थी, रामजी अवस्थी, मोनू सिंह, मुकुट शुक्ला, अभय सिंह और अजीत यादव के रूप में हुई है। इनमें से कुछ पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं। पुलिस इनके अन्य मामलों में भी संलिप्तता की जांच कर रही है।गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया टैंकर बरामद किया, जिसमें से 2290 लीटर एथेनॉल (ड्रम और गैलनों में रखा हुआ) भी बरामद किया गया। इसके अलावा, उनके पास से एक अवैध 12 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई दो कारें—अर्टिगा और मारुति 800—भी जब्त की गई हैं। जब पुलिस ने इन वाहनों के दस्तावेज मांगे, तो आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया।पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आर्थिक लाभ के उद्देश्य से इस घटना को अंजाम दिया था। वे एथेनॉल को अवैध रूप से बेचने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उनकी साजिश पर पानी फेर दिया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य साथियों और इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि की गहराई से जांच कर रही है।इस सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस उपायुक्त उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी ने पुलिस टीम को ₹10,000 के नकद इनाम की घोषणा की है। इस मामले के सफल अनावरण से यह स्पष्ट हो गया है कि लखनऊ पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पूरी तरह तत्पर है और किसी भी साजिश को नाकाम करने में सक्षम है।