इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की आंधी में भी अखबारों की भूमिका सराहनीय, डॉक्टर अमित,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 24 मार्च
मुम्बई संवाददाता
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
देश की आज़ादी से लेकर आज तक अखबारों की जो भूमिका रही है, वह किसी से भी छुपी नहीं है। आज हम कितने भी हाईटेक क्यों न हो गए हों लेकिन समाचार पत्रों की भूमिका जो आज समाज में है, उससे इनकार नहीं कर सकते। यहां तक कि आज हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए पल भर में देश विदेश की खबरों से अवगत हो जाते हैं। मगर जब तक हम समाचार पत्रों और अखबारों को नहीं पढ़ लेते, पूरी जानकारी हम तक नहीं पहुंच पाती। यही वजह है कि आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की आंधी में भी अखबार उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं जितना कि देश की आज़ादी में जो भूमिका अखबारों की हुआ करती थी। इसी सच्चाई और पत्रकारिता के सम्मान में मेरी मुलाकात जब डोंबिवली में रहने वाले डॉक्टर अमित श्रीवास्तव से हुई तो उन्होंने अनुराग लक्ष्य पत्रिका अनुराग लक्ष्य की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में बस्ती ज़िले से पत्रिका को मुंबई वासियों को पढ़वाना निःसंदेह एक साहसिक कार्य है जिसे इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे यह भी आश्वासन दिया कि मैं आपकी इस पत्रिका के लिए किसी भी तरह से कोई काम कर सकूं तो यह मेरा सौभाग्य होगा।
आज की गोदी मीडिया पर चर्चा करते हुए कहा कि जिस तरह से आज की तारीख में पत्रकारिता को धूमिल किया जा रहा है, यह देश के भविष्य के लिए थी नहीं है। इसपर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। साथ ही सच्ची और ईमानदार पत्रकारिता की जरूरत है, जिससे हमारा समाज और देश हमेशा नित नई ऊंचाइयां छू सके।
इस दौर ए इंकलाब में आओ कलम के साथ
दुनिया के हर एक गोशे में छाओ कलम के साथ ।
हो सामने सत्ता कोई या जुर्म का पहाड़,
हर एक को आईना दिखाओ कलम के साथ ।।
अच्छा हुआ इस मुल्क में अख़बार दे दिया
हम जैसे मुफ्लिसों का मददगार दे दिया ।
इतना ही नहीं आईनों की शक्ल में सलीम,
हर गोशे गोशे में इक कलमकार दे दिया ।।