महाकुंभ पर यह रचना प्रस्तुत – प्रतिभा गुप्ता

महाकुंभ

बालक युवा व बृद्ध विकलांग चल दिये।
जिनको प्रयाग में बुलाया गंगा मैया ने।।

भक्तों का भारी ये हुजूम बतला रहा है।
आस्था का द्वार खुलवाया गंगा मैया ने।।

साधु संत ज्ञानियों की पावन मधुर वाणी।
जगत निमित्त ही बनाया गंगा मैया ने।।

जिनके भी बाकी दिन शेष नहीं धरा पर।
उनके भी भाग्य को जगाया गंगा मैया ने।।
—प्रतिभा गुप्ता