लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित शक्तिउत्सव में महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस विशेष आयोजन में पिंकरन का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों महिलाओं ने एकजुट होकर अपने संकल्प को मजबूती दी और समाज में नए युग की ओर बढ़ने का संदेश दिया।शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत 1090 चौराहे से हुई, जहां नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से यह संदेश दिया कि महिलाएं अगर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करें, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।भारतीय ओलंपिक एथलीट और अर्जुन पुरस्कार विजेता पद्मश्री सुधा सिंह ने इस दौड़ को फ्लैग ऑफ किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पिंकरन नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मनिर्भर और निर्भीक होकर आगे बढ़ने का प्रतीक है। इस दौड़ के जरिए महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अपने अधिकारों और सम्मान के लिए हमेशा तैयार हैं।पिंकरन के समापन के बाद डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देश के पहले महिला मिशन रॉक बैंड “मेरी ज़िंदगी” की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड की फाउंडर जया तिवारी और उनकी टीम ने महिला सशक्तिकरण पर आधारित गीतों की प्रस्तुति देकर पूरे माहौल को जोश और उमंग से भर दिया।महिला सशक्तिकरण थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग की प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में विजेताओं को ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह पिंकरन में भी महिलाओं ने अपनी पूरी ताकत झोंकी, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शिल्प कला प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसमें कई महिला संगठनों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, शिरोज़ हैंगआउट कैफे के स्टॉल पर भी लोगों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया।लखनऊ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और प्रतिभागियों के जोश की सराहना की। इस अवसर पर कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।शक्तिउत्सव के माध्यम से महिलाओं ने यह संदेश दिया कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं और अपने साहस, सुरक्षा और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।