लखनऊ में आयोजित इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन की 29वीं कॉन्फ्रेंस में आई बोर्थ और हैगर कम्पनी के प्रशांत मेहरोत्रा ने बताया कि इस प्रदर्शनी में अमेरिका से आई कुछ नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है। विशेष रूप से, उन्होंने एक ऐसी मशीन का उल्लेख किया जो गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कनें गिन सकती है। यह मशीन हर लेडी डॉक्टर के लिए आवश्यक होती है, विशेषकर बच्चे के जन्म के समय।इसके अलावा, जर्मनी की हैगर कम्पनी के लैप्रोस्कोप भी डिस्प्ले किए गए हैं, जो गॉलब्लैडर और एपेंडिक्स के ऑपरेशन्स में उपयोगी होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास इंफर्टिलिटी (निःसंतानता) के इलाज के लिए नवीनतम तकनीकी उपकरण हैं। निःसंतानता के इलाज में अब दूरबीन तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे गर्भाशय में भी इलाज किया जा सकता है।प्रशांत मेहरोत्रा ने बच्चेदानी के कैंसर का पता लगाने के लिए उपलब्ध मशीनरी की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेशाब की लीकेज के इलाज के लिए भी लेजर तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिससे बहुत अच्छे परिणाम मिलते हैं।कम्पनी द्वारा हेयर रिमूवल के लिए भी एक अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है, जिसका परिणाम अत्यंत प्रभावशाली है। अंत में, उन्होंने कॉन्फ्रेंस की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. राजुल त्यागी ने इस आयोजन का बहुत अच्छे तरीके से आयोजन किया।