हमें योगी आदित्यनाथ की तरह अन्य संतों की आवश्यकता- रमाकांत गोस्वामी

सनातन की रक्षा के लिए अखाड़े का आगे आना जरूरी
प्रयागराज। जिस तरह उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन की, तीर्थ की, मन्दिर की, अनेक प्रकार से रक्षा कर रहे हैं, इसी प्रकार इतने महन्तों खासलों, नागाओं में कोई दूसरा व्यक्ति पैदा क्यों नहीं हो रहा है। यह बातें श्री जी बाबा नगर के सचिव रमाकान्त गोस्वामी ने आज प्रेस वार्ता में कहीं।
संतो के द्वारा बताया जाता है कि आदि शंकराचार्य ती के द्वारा 4 शंकराचार्य पीठ द्वारकापुरी, बद्रीनाथ धाम जगन्नाथपुरी और कांचीपीठ में स्थापित किए गए। इनका कार्य सनातन धर्म का प्रचार एवं हिन्दुत्व की रक्षा करना बतलाया गया। श्रीमुकुन्दाचार्य एवं श्री रामानन्दाचार्य जी द्वारा 13 अखाड़े एवं उनके खालसा का गठन किया गया । इनमें 10 शैव अखाड़े एवं 3 वैष्णव अखाड़े नाम दिए गए।
उन्होंने कहा कि 10 शिव अनुयायी अखाड़ों में हजारों नागा साधू की फौज बनायी गई। किसी वस्तु में इनका मोह नहीं है इसलिए वस्त्रों का भी त्याग करा दिया गया। पिछले वर्ष से बांग्लादेश से हिन्दुओं पर जो अत्याचार किए जा रहे है तमाम वी.डी.ओ. में आगजनी, बलात्कार व निर्मम हत्या करते दिखाया। भविष्य में ऐसा ही भारतवर्ष में भी होने वाला है। इस्लामिक नेताओं द्वारा कहा गया कि 15 मिनट को पुलिस हटाली जाये तो सबको खत्तम कर दिया जाय। एक कहता है कि मोदी योगी नहींग रहेंगे तब हिन्दुओं को कौन बचाएगा।
श्री गोस्वामी ने कहा कि 144 वर्ष में लगे महाकुम्भ में पधारे सभी अखाडों के श्रीमहन्तों, खालसाओं के श्रीमहन्तों से मेरा यक्ष प्रश्न है कि जब विधर्मी हमला अत्याचार करेंगे तब इनकी क्या भूमिका रहेगी। ये सभी नागा साधू देश के किस-किस तीर्थ अथवा शहर में रहते हैं इनका सम्पर्क आम जनता को भी पता होना चाहिए। भविष्य में जब भी सनातन या सनातनियों पर अत्याचार, बलात्कार हों तब ये रक्षा करने या सहायता करने को कहाँ उपलब्ध रहेंगे। सभी अखाड़ों के साक्षात्कार समाचार पत्रों व सोशल मीडिया पर पब्लिक की जानकारी में आना चाहिए कि कौन-सा अखाड़ा कहाँ है और किस अखाडे में कितने नागा साधूओं की फौज है। हिन्दू राष्ट्र के निर्माण में इनका क्या योगदान है, किस तरह के कार्य इन अखाड़ों या साधुओं द्वारा हिन्दू राष्ट्र के निर्माण के लिए किये जा रहे हैं।