मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2 फरवरी 2020 को शुरू किए गए मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के 182वें संस्करण का आयोजन आज पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया। इन मेलों का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। आरोग्य मेले ने अपनी प्रभावी स्वास्थ्य सुविधाओं, मुफ्त परीक्षणों और गोल्डेन कार्ड वितरण के कारण जनता के बीच गहरी लोकप्रियता हासिल की है।आज आयोजित मेले में कुल 1,73,618 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया, जिनमें 73,307 पुरुष, 71,039 महिलाएं और 29,272 बच्चे शामिल थे। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 1,128 मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से भेजा गया। इसके अलावा, 3,187 गोल्डेन कार्ड बनाए और वितरित किए गए।स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 11,079 बुखार के मामलों की जांच की गई, जिसमें 4,242 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट के माध्यम से 5 मलेरिया और 1,603 डेंगू टेस्ट में 2 धनात्मक मामले पाए गए। कोविड-19 के लिए 872 एंटीजन टेस्ट किए गए, जिनमें कोई भी मामला धनात्मक नहीं पाया गया।
मेले में 4,927 चिकित्सक, 14,719 पैरामेडिकल स्टाफ और 2,694 आईसीडीएस कर्मियों ने अपनी सेवाएं दीं। साथ ही, स्वास्थ्य जागरूकता के तहत मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जानकारी दी गई।अब तक आयोजित मेलों में कुल 13.31 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। 3.12 लाख गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजा गया है, जबकि 18.25 लाख से अधिक गोल्डेन कार्ड वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला जनता को न केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।