अयोध्या, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अयोध्या में पंच नारायण महायज्ञ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य समेत अन्य संतों और धर्माचार्यों के साथ आहुति अर्पित की। मुख्यमंत्री को इस पवित्र अवसर पर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म के अनुसार, सम्पूर्ण सृष्टि के रक्षक और पालक श्रीमद्नारायण ही हैं, जिनकी कृपा से सब कुछ संचालित होता है। अयोध्याधाम में हो रहे इस महायज्ञ के माध्यम से उत्तर और दक्षिण के विद्वानों के संयुक्त प्रयासों से आत्मशुद्धि, भूमि की शुद्धि और पर्यावरण की शुद्धि हो रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस यज्ञ की सफलता निःसंदेह सुनिश्चित है।मुख्यमंत्री ने यज्ञों की भारतीय परंपरा को याद करते हुए कहा कि यज्ञ का महत्व हजारों वर्षों से है। यज्ञ से वर्षा होती है, जिससे फसलें होती हैं और यही किसानों, व्यापारियों की समृद्धि का कारण बनती है। इसके अलावा, उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस आंदोलन के दौरान इन धार्मिक पीठों ने श्रद्धा और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाई थी, जिसके फलस्वरूप 5 अगस्त 2020 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का शिलान्यास हुआ।मुख्यमंत्री ने भारत के सनातन धर्म की विशेषताओं को उजागर करते हुए कहा कि यह धर्म समस्त मानवता के कल्याण की बात करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा देश अपनी विरासत को अक्षुण्ण रखते हुए नए भारत की ओर बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने भारत के सनातन धर्म के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इसे सुरक्षित रखते हुए हम पूरी दुनिया में शांति और समृद्धि ला सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंच नारायण महायज्ञ का आयोजन पर्यावरण शुद्धि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए किया गया है, ताकि यह धर्म हमारे संरक्षण का आधार बने।