लखनऊ में लोकतंत्र पर वार — लाठी से नहीं दबेगी आवाज़ : विश्वनाथ चौधरी

लखनऊ विधानसभा घेराव के लिए जा रहे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी बस्ती द्वारा गाँधी कला भवन में स्थापित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाने जा रहे थे, लेकिन पुलिस की अचानक कार्रवाई से कई कार्यकर्ता घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि मनरेगा में कथित अनियमितताओं, लगातार बढ़ती महंगाई, प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था तथा अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा हटाए जाने जैसे मुद्दे सीधे जनता के जीवन से जुड़े हैं और इन पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
प्रदेश सचिव अनिल भारती, संदीप श्रीवास्तव, साधू सरन आर्य जी तथा डॉ. वाहिद अली सिद्दीकी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति स्वाभाविक प्रक्रिया है। संविधान प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। ऐसे में सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, न कि बल प्रयोग का। यदि सरकार के पास ठोस और तथ्यात्मक जवाब हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन दमनकारी कार्रवाई से अविश्वास बढ़ता है। लोकतंत्र की मजबूती संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही से होती है, टकराव से नहीं।
कार्यक्रम में लाल जी पहलवान, पूरण चौधरी, राजेश भारती, सोमनाथ निषाद, रामचन्द्र चौहान, अनन्द कुमार निषाद, विजय बहादुर, वृजभान कन्नौजिया, अमर बहादुर शुक्ला, मनीष दुबे, सुनील कुमार पांडेय, राम बचन भारती, गुड्डू सोनकर, उमेश उपाध्याय, राम धीरज चौधरी, अशरफ अली, सुधीर यादव, अर्पित पाठक, शुभम गांधी, अभिषेक सिंह, अनंत श्रीवास्तव, प्रशांत पाठक, रवि चौधरी, प्रियांशु शुक्ला, राजेंद्र कुमार गुप्ता, श्रीमती शकुंतला देवी सहित अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।