* वेदों में योग विद्या* आचार्य सुरेश जोशी

🥥 ओ३म् 🥥
*🧘वेदों में योग विद्या🧘
आर्य समाज मंदिर सैजपुर बोघा व आर्य समाज मंदिर कुबेर नगर अहमदाबाद में चल रही *मासिक अथर्वेद कथा* की व्याख्यान माला में आज द्वितीय दिवस पर बताया गया कि वेद सब सत्य विद्याओं की पुस्तक है।इन्ही सत्य विद्याओं में एक *सत्य विद्या योग* भी है जिसे वेदों से खोजकर महान वैज्ञानिक *महर्षि पतंजलि* ने 📚 योग दर्शन नाम अलग से सूत्र ग्रंथ📚 लिखा। अथर्वेद में *अष्टांग योग के साधन पाद को अष्टचक्रा,नवद्वारा* नाम से संबोधिक किया है।
अष्टचक्रा का अर्थ वैदिक संस्कृत में आठ क्रम वाली है।ये आठ क्रम हैं *यम,नियम,आसन,प्राणायाम,प्रत्याहार,धारणा ध्यान व समाधि* है।इसमें जो प्रथम चक्र यानि क्रम है उसका नाम *यम* है। यम के पालन करने से मानव की *व्यवहार की शुद्धि* होती है।यम की संख्या पांच है।अहिंसा,सत्य,अस्तेय,अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य।
*🌹अहिंसा एक विज्ञान है*🌹
अहिंसा का अर्थ हिंसा नहीं करना इतने तक लोगों ने सीमित कर दिया है।इसी अर्थ के चलते *महात्मा बुद्ध के लाखों शिष्य तक्षशिला व नालंदा में मुट्ठी भर मुसलमानों के आगे नतमस्तक हो अपना सर यह कहकर कटवाते रहे कि *अहिंसा परमो धर्म:,बुद्धं शरणं गच्छामि*। इसी अहिंसा का पालन कर *हिंदुओं ने सोमनाथ का मंदिर लुटने दिया और कश्मीर को इस्लामिक राज्य बनने दिया।कुछ हिंदू काटकर सिंध नदी में बहा दिए तो कुछ कश्मीर से पलायन कर गये!*
सत्य सनातन वैदिक धर्म में अहिंसा की परिभाषा इस प्रकार से है।
मन,वाणी शरीर से किसी के प्रति अन्याय न करना और अपने प्रति अन्याय न सहना ही *वैज्ञानिक अहिंसा* है।हिंसा के तीन कारण हैं। *लोभ,क्रोध और मोह* इसके भी *अल्प,मध्यम्,अधिक* इस प्रकार 🌻 मानसिक,वाचिक,शारीरिक *+* लोभ,क्रोध,मोह *+* अल्प,मध्य,तीब्र 🌻 कुल *३×३×३=२७* प्रकार की हिंसा और फिर इनके मृदु,मध्य,अधिमात्र भेद होने पर कुल *८१ प्रकार की हिंसा* होती है।
🍁 *अहिंसा का यथार्थ रुप 🍁*
अहिंसा का अर्थ हमेशा हिंसा न करना ही नहीं होता है‌ *कभी कभी हिंसा करना भी अहिंसा कहलाती है*। उदाहरण के लिए महाभारत के युद्ध में *दुर्योधन जो युद्ध कर रहा था वह १००% शुद्ध हिंसा थी ठीक इसके विपरीत योगेश्वर श्रीकृष्ण के संरक्षण में पांडव जो हिंसा कर रहे थे वो १००% अहिंसा थी*।
🔥 अहिंसा का अनर्थ🔥
अहिंसा का सही अर्थ न जानने से इतिहास में हमें भारी हानि उठानी पड़ी है। *चित्तोड़ की रानी पद्मालती का जौहर,महखराजा रतन सेन जैंसे बीर राजा का बलिदान,पृथ्वीराज चौहान का आंखों को खो देना अहिंसा के सही अर्थ को न जानने से हुई है।
🚀 *बंग्लादेश की अहिंसा*🚀
आज बंग्लादेश में जो *हिंदुओं के साथ अत्याचार हो रहा है वो भी अहिंसा की सही परिभाषा को न जानने से ही हुआ है* हिदू आज भी अहिंसा के सही अर्थ को नहीं समझ पा रहा है।* *जबकि बंग्लादेश ने मानवता की सारी हदें पार कर दी हैं।अहिंसा के नियम के आधार पर बंग्लादेश को मानवता का शत्रु घोषित कर वहां की सरकार को तुरंत ही अपदस्त कर देना चाहिए*
🪷 अहिंसा के दो सूत्र🪷
*[१] सामान्य व्यवहार* सामान्य व्यवहार में किसी का बुरा नहीं सोचेंगे। सभ्यता से से बोलेंगे।छोटी-मोटी गल्तियों को क्षमा भी कर देंगे।प्राणिमात्र पर दया करेंगे!
*[२] दण्ड व्यवस्था* केवल आ बैल मुझे मार को अहिंसा नहीं कहते हैं।जो गलत है वो गलत हैउसको क्षमतानुसार *पिटाई,प्रायश्चित,जेल व मृत्यु दंड देना भी अहिंसा* ही कहलाती है।न्यायाधीश को गलत काम करने वालों को दंड देने का पूर्ण अधिकार है।सबसे अधिक दंड तो *परमात्मा कर्म फल* के रुप में देता है।अहिंसा का अर्थ *भीरु,कायर,दुर्बल बनना नहीं है।* धर्म जाति और देश पर आक्रमण करने वालों को माफ करना *मानव व मानवता* का अपमान करना है। *आत्मरक्षा करना अहिंसा* है।अपना अधिकार छोड़ना नहीं,दूसरों का छीनना नहीं यह न्याय ही *अहिंसा* है।
🪔आमंत्रण पत्रिका🪔
इस प्रकार प्रतिदिन 📚 अथर्वेद की दो कक्षांएं📚 प्रतिदिन लगती हैं।
*प्रात:७से८.१८तक*
आर्य समाज सैजपुर।
*प्रात:८.२८से८.५५*
आर्य समाज कुबेर नगर अहमदाबाद गुजरात प्रांत।।
आचार्य सुरेश
एवं पंडिता रुक्मिणी शास्त्री बाराब़की।
*प्रवासीय कार्यालय*
आर्य समाज सैजपुर बोघा अहमदाबाद गुजरात।