बस्ती । दुबौलिया थाना क्षेत्र के चिलमा बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक के तत्कालीन फील्ड आफिसर और शाखा प्रबन्धक के खिलाफ धोखाधड़ी एवं गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है। कैथोलिया निवासी पारसनाथ चौधरी का आरोप है कि केसीसी के लिए उसने भारतीय स्टेट बैक शाखा चिलमा बाजार में खाता खुलवाया जिसमें बैंक द्वारा एक लाख पाँच हजार रूपये) का केसीसी लोन स्वीकृत किया गया। उसने खाता खुलवाने के बाद केसीसी लोन का कई बार टर्न ओवर किया। बैंक में उसका एक दूसरा चालू खाता भी है। उसके चालू खाते में कुछ रूपया भी था, जिससे वह पैसा निकालने गया। बैंक के तत्कालीन फील्ड आफिसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने उससे एक विड्राल फार्म पर दस्खत बनवाया। केसीसी खाता मे ऋँण के भुगतान हेतु एक लाख 22 हजार रुपये भऱवाया और केसीसी खाते में बकाये ऋण का सम्पूर्ण भुगतान ले लिया, ब्रिडाल फार्म पर पे फार लुक अदालत का लिखकर लोक अदालत में केसीसी लोन का सम्पूर्ण भुगतान की रकम उसके चालू खाता से ले लिया, लोन का नो ड्यूज देकर पासबुक खाता देकर बंद कर दिया। 12 नवम्बर 2022 को लोक अदालत में उपस्थित होकर लोन की अदायगी हेतु सूचित किया गया, लेकिन उसके केसीसी खाते का ऋण पूर्ववत बना हुआ है। आरोप लगाया है कि कपट पूर्ण तरीके से स्वयं लाभ लेने की नीयत से एक लाख 22 हजार रूपया केसीसी खाते मे जमा न कर उसे कपटपूर्ण हड़प लिया गया। 9 दिसम्बर 2022 को हुए इस मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन फील्ड आफिसर और तत्कालीन शाखा प्रबन्धक के खिलाफ आईपीसी की धारा के तहत धोखाधड़ी, गबन का मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।