19 अगस्त को मनाया जायेगा रक्षा बंधन का पर्व – भद्रा समाप्ति के बाद बांधे राखी – आचार्य दुर्गेश शुक्ल

हिन्दू पंचांग के अनुसार “श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि” को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है, जिसमे बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसके सुखद भविष्य की कामना करती है और भाई भी अपनी बहन की जीवन पर्यन्त रक्षा करने का प्रण लेते हैं।

इस बार रक्षाबंधन विशेष – इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि 19 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही प्रातः 3 बजकर 4 मिंट पर शुरू हो जाएगी और पूरे दिन उपस्थित रहेगी इसलिए इस बार रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त सोमवार को ही मनाया जायेगा। लेकिन इस बार 19 अगस्त रक्षाबंधन के दिन प्रातः 3 बजकर 4 मिंट से ही भद्रा भी लग जाएगी और दोपहर 1 बजकर 29 मिंट तक भद्रा उपस्थित रहेगी और शत्रोक्त दृष्टि से भद्रा काल में रक्षाबंधन पर्व मानना उचित नहीं है इसलिए 19 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन भद्रा समाप्त होने पर दोपहर 1:29 के बाद ही बहने अपने भाइयों को राखी बांधें और रक्षाबंधन का पर्व मनाएं। हालाँकि 19 अगस्त को चंद्रमा मकर राशि में होने के कारण भद्रा का निवास पाताल में रहेगा पृथ्वालोक पर भद्रवास नहीं होगा पर फिर भी शास्त्र मान्यताओं के अनुसार भद्रा उपस्थिति में राखी बांधना ठीक नहीं है इसलिए 19 अगस्त को दोपहर 1:24 पर भद्रा समाप्त होने के बाद रक्षाबंधन का पर्व मनाएं।

 

19 अगस्त रक्षाबंधन के दिन भद्रा समाप्ति के बाद दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चर लाभ और अमृत के शुभ चौघड़िया मुहूर्त उपस्थित रहेंगे इसलिए दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे के बीच राखी बाँधने के लिए श्रेष्ठ समय होगा।

 

सारांश –

 

रक्षा बंधन पर्व – 19 अगस्त सोमवार

 

पूर्णिमा तिथि उपस्थित – 19 अगस्त प्रातः 3:04 से रात्रि 11:55 तक

 

19 अगस्त को भद्रा – प्रातः 3:04 से आरम्भ दोपहर 1:24 पर समाप्त

 

राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त – दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे के बीच

*आचार्य दुर्गेश शुक्ल बस्ती

6388243372