गांधीनगर में मल्टी लेबल पार्किंग सहित सड़क, सीवर निर्माण हेतु पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने मुख्यमंत्री को सौंपा तीन प्रस्ताव


बस्ती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्योे के लिये तीन प्रस्ताव सौंपा।
नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने बताया कि पालिका द्वारा मालवीय रोड के निर्माण, सीवर लाइन और गांधीनगर में मल्टी लेबल पार्किंग कराये जाने हेतु प्रस्ताव और बजट स्वीकृत कराने का आग्रह किया।  बताया कि मुख्यमंत्री ने तीनों प्रस्तावांे को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया है।
पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने बताया कि नगर पालिका के समुचित विकास के लिये उनके स्तर पर निरन्तर प्रयास जारी है। शहर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाली, खण्डजा निर्माण के साथ ही  सभासदों से विचार विमर्श कर विकास कार्य तेजी से कराये जा रहे हैं। बताया कि शासन स्तर पर कई प्रस्ताव लम्बित हैं। उनके स्वीकृति के साथ ही और तेजी से विकास कार्य पूरे कराये जायेंगे। मालवीय रोड के निर्माण हेतु प्रयास जारी है और स्टेशन रोड का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करा दियार जायेगा। मुख्यमंत्री को तीन प्रस्ताव सौंपने के दौरान नगर पालिका के कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी सत्येन्द्र सिंह भी उपस्थित रहे।

बीईओ ने बिना मान्यता के संचालित आठ स्कूलों को बन्द कराया
बस्ती। सोमवार से शुरू हुए नवीन सत्र के आरम्भ से ही गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बन्द कराने का अभियान चलाया गया जिसके अन्तर्गत शुक्रवार तक हरैया विकासखण्ड में कुल आठ विद्यालयों को बन्द कराया गया। यह जानकारी देते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी हरैया बड़कऊ वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा – निर्देश के क्रम में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को बंद कराने का अभियान लगातार जारी है। शुक्रवार तक कुल आठ विद्यालय सीआरडी पब्लिक स्कूल साधूगंज नरायनपुर मिश्र, चंदन मॉडर्न पब्लिक स्कूल रमया,  रामकृष्ण एकेडमी केशवापुर, आदर्श सरस्वती विद्या मंदिर लबदहा, किसान मॉडर्न पब्लिक स्कूल केशवापुर, श्याम किशोर कृपा शंकर इंटर कॉलेज औरातोंदा, लाल बहादुर शास्त्री चिल्ड्रन एकेडमी नरायनपुर मिश्र, एक्सीलेंट चिल्ड्रन एकेडमी नरायनपुर मिश्र बन्द कराए गए हैं। बीईओ ने बताया कि बंद कराए गए विद्यालयों को पूर्व में भी नोटिस जारी की जा चुकी थी। स्कूल पर जाकर बंद कराने के बावजूद स्कूल बार-बार संचालित किए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों से निवेदन है कि अपने बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालय, मान्यता प्राप्त विद्यालय तथा वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालय में ही कराएं। यदि आप उक्त कार्य करने में असमर्थ रहे तो आपके बच्चों का भविष्य अंधकारमय होगा। क्योंकि जिन बच्चों की एक बार आईडी जनरेट हो गई उन्हें किसी अन्य कक्षा में बिना टीसी के नामांकित नहीं किया जा सकेगा और जिन बच्चों का नामांकन बिना टीसी के गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय में किया जा रहा है उनका भविष्य खराब होगा।

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