
मल्लावां/हरदोई बालू लादकर हरदोई की ओर जा रहा ट्रक कटरा बिल्हौर हाइवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित झोपड़ी और बाहर सो रहे नौ लोगों पर पलट गया। जिसमें चार बच्चों सहित आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। डीएम , एसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर पुलिस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं । पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भेजा है।
कस्बे के चुंगी नं० दो निवासी अवधेश उर्फ बल्ला 45 वर्ष पुत्र रामपाल उनकी पत्नी सुधा उर्फ मुंदी 42 वर्ष , पुत्री सुनैना 11 वर्ष राधा रानी उर्फ लल्ला 5 वर्ष , पुत्री बुद्धू 4 वर्ष, विवाहिता पुत्री हीरो 22 वर्ष , दामाद करन 24 वर्ष पुत्र राम किशन निवासी मोहल्ला कासूपेट थाना बिलग्राम इनके पुत्र बिहारी उर्फ कोमल 5 वर्ष , पुत्री बिट्टू 4 वर्ष , मंगलवार की रात को सड़क के किनारे झोपड़ी के बाहर सो रहे थे। रात करीब एक बजे कानपुर की ओर से हरदोई की ओर ओवरलोड बालू लादकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर सो रहे लोगों पर पलट गया जिससे सभी लोग ट्रक व बालू के नीचे दब गए। ट्रक पलटने की आवाज सुनकर आस पास के लोग घटना स्थल पर पहुंच गए। पहुंची पुलिस ने जेसीबी मशीन बुलवाकर बालू हटवाने का प्रयास शुरू कराया। जेसीबी से ट्रक न हटने पर दो हाइड्रा मशीन व दो जेसीबी मशीन एक क्रेन मशीन मौके पर पहुंची, इसके बाद ट्रक व बालू को हटवाकर नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर सभी लोगों को सीएचसी पर भेजा गया। जहां पर डॉ दिव्यांशु चंद्रा ने घायल बिट्टू को छोड़कर सभी लोगों को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल बिट्टू का प्राथमिक उपचार कर मेडिकल कालेज हरदोई रेफर कर दिया। एक साथ हुई आठ मौतों की जैसे ही परिजनों व रिश्तेदारों को सूचना मिली तो परिजनों में कोहराम मच गया। सीएचसी से सभी शवो को पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भेज दिया। इसके बाद एसडीएम बिलग्राम गरिमा सिंह सीएचसी पहुंचीं,जिला अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, एसपी केशव चंद्र गोस्वामी भी घटना स्थल पर पहुंचे डीएम ने घटना स्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी लेकर सीएचसी पहुचकर चिकित्सक से घायल बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। एसपी केशव चंद्र गोस्वामी ने तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए है।मृतक अवधेश उर्फ बल्ला बन्दर को पालकर गांव गांव जाकर कलाबाजी दिखाकर परिवार का पालन पोषण करते थे।उनके साथ ही बेटी दामाद बच्चों के साथ रहते थे। करन कबाड़ खरीदकर बेचने का काम करता था। मंगलवार की रात को बड़ा पुत्र बंटी 19 वर्ष , पुत्री सुनैना 17 वर्ष , दामिनी 15 वर्ष पास में ही स्थित ताई राधा पत्नी छन्नू की झोपड़ी के बाहर सो रहे थे। जिसकी वजह से उन लोगों की जान इस हादसे से बच गई। वहीं छोटा पुत्र कौशल 17 वर्ष , ढोलक बजाने के लिए उन्नाव के एक जागरण कार्यक्रम में गया था। जिससे उसकी भी जान बच गई।कहीं पुलिस का पीछा करना तो नहीं बना हादसे का
कारण बनी।सूत्रों की माने तो क्षेत्र में बालू व मिट्टी का अवैध खनन जमकर हो रहा है जिसकी ढुलाई ट्रकों व ट्रैक्टर ट्रालियों से की जा रही है। दबी जुबान लोगों का कहना है कि पुलिस चौराहे पर रात में निकलने वाले बालू व मिट्टी ढोने वाले वाहनों से अवैध वसूली करने में सक्रिय रहती है।मंगलवार की रात को भी पुलिस ने इस ट्रक को रोका था। चालक के ट्रक को न रोकने पर पुलिस ने ट्रक का पीछा किया। जिसपर ट्रक चालक ने ट्रक को तेज रफ्तार दे दी । घटना स्थल के ठीक सामने बने स्पीड ब्रेकर के ऊपर जैसे ही ट्रक चढ़ा अनियंत्रित होकर पलट गया । जिसमें आठ लोगों की जान चली गई ।