
अनुराग लक्ष्य, 18 अप्रैल
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता।
कभी तेरा कभी मेरा यह बदन जलता है
कभी धरती कभी वोह सारा गगन जलता है
अबकि सावन में भी झूले न पड़ेंगे शायद
प्यार ओ जज़्बात का वोह सारा चमन जलता है,
जी हां, इस साल अप्रैल में ही महाराष्ट्र राज्य में गर्मी का जो तांडव दिख रहा है, वोह पिछले कई सालों में इतनी भीसड़ गर्मी से जनता कभी परेशान नहीं हुई।
सबसे खराब हालत आर्थिक नगरी मुंबई की है, जहां तपती रेगिस्तानी गर्मी से लोग बिलबिलाते हुए नज़र आ रहे हैं। थोड़ी सी राहत इस बात की ज़रूर हुई है कि मौसम विभाग के मुताबिक कुछ इलाकों में जल्द ही भारी बारिश होने की संभावना जताई है। जो किसानों के लिए अच्छी खबर हो सकती है। लेकिन यह महज पूर्वानुमान है।
पिछले साल अवसत से कम बारिश हुई थी जिससे कई इलाकों में पानी की कमी महसूस की गई थी। जो इस साल बहरहाल पिछले साल जैसा नहीं होगा। क्योंकि मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली एजेंसियों का इस बार मानना है कि इस बार बारिश अच्छी होगी और औसत यानी सामान्य से 102 पर्तिशत बारिश होगी।
अक्सर महाराष्ट्र में अप्रैल के अंत तक बूंदा बांदी और छिट पुट बारिश शुरू हो जाती थी , किन्तु जिस तरह की गर्मी इस बार अप्रैल के महीने में मुंबई वासियों को देखने को मिल रही है उससे तो यही लगता है कि जून से पहले मानसून सक्रिय नहीं होने वाला है। लोग इंतज़ार में हैं की आसमान काले घने बादल से कब लबरेज़ होगा। और लोग झमझमाती बारिश में भीगते हुए अपने आपको सराबोर करेंगे।