बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कई स्थानों पर लगी आग से रिहायशी छप्पर और गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आगलगी से लाखों की संपत्ति नष्ट हो गई। आग लगने की सूचना पर अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दिनभर दमकल लेकर आग बुझाते रहे। आग का कहर लगातार ग्रामीण इलाकों में बना हुआ है। खून-पसीने से किसानों की गाढ़ी कमाई बर्बाद हो जा रही है। गेहूं फसल का सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। बुधवार को भी रहायशी झोपड़ी व करीब सौ बीघा गेहूं के खेतों में आग का कहर जारी रहा। 19 जगहों पर लगी आग की घटनाओं में दर्जनों किसानों की फसलें जलकर राख हो गईं। छावनी टोल के बगीचे में सोनहा के परसोइया, महुआ, बारीजोत पटखौली, रुधौली के मझौआ, कप्तानगंज बेल्हा, नगर झिरझिरवा, हर्रैया रजौली, परसरामपुर फटीचक में पैकोलिया के बरुआर गांव के सिवान में अज्ञात कारणों से अचानक लगी आग में किसानो की करीब पचास बीघे गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई।अग्निकांड की सूचना अग्निशमन वाहन दल-बल के साथ पहुंच गया और जहां तहां बुझाने लगे। गांव के राम सागर पाल, ओमप्रकाश ,रामगोपाल ,मंजू यादव, रामभवन यादव, तुलसीराम,रामसागर, मंगलप्रसाद खड़ी फसलें स्वाहा हो गईं।
बनकटी नगर पंचायत के मोहननगर वार्ड ( कैथोरा पुरवा) में अज्ञात कारणों से घमालू के घर में आग लग गई। उस समय परिवार का कोई सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। नगर पंचायत से पानी की टंकी को भर -भर कर मौके पर मंगवाया तब जाकर आग पर काबू पाया।आग की लपटें इतनी भयानक थी कि मकान में लगे लोहे की चौखट गल कर टेढ़ी हो गई। पत्नी ने बताया हमारे पास ज़मीन नहीं है। दूसरे का खेत बटाई पर लेकर धान व गेहूं पैदा कर जीवन यापन करते हैं। घर में रखा दस हजार रुपए नगद लगभग पांच कुन्तल गेहूं व चार कुन्तल चावल सहित पूरे परिवार का कपड़ा बर्तन, तख्ता, चारपाई, साईकिल एवं बच्चों का कापी पुस्तक रिहायसी झोपड़ी सब कुछ जल कर राख हो गया है। मौके पर राजस्व विभाग से पहुंची जांच पड़ताल की। अज्ञात कारण से रिहायशी झोपड़ी में लगी आग लाखो का समान जला
सल्टौआ। वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के मनवा गांव में दिन के सवा आठ बजे अज्ञात कारणों से आग लग जाने से तीन छप्पर का रिहाशी मकान जलकर राख हो गया।ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया।
गांव के राकेश, ओरौनी ,श्रवन का छप्पर का मकान जलने लगा इसमें रखा कपड़ा, राशन ,वर्तन सहित अन्य सामान जल गया वहीं सतीश,पूजा व साहब दीन का छप्पर की घारी जल गई। आग की बढ़ते कहर को देख कर ग्रामीणों के होश उड़ गए लोग अपने घरों से बाल्टी लेकर नल के सहारे बड़ी मशक्कत से आग को बुझाया जा सका लेकिन कई जगहआग लगने से किसान बर्बाद हो गए।